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बालू खदान में मजदूर की मौत पर हंगामा
Wed, 22 May 2019 11:51 PM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Wed, 22 May 2019 11:51 PM IST
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खप्टिहा खदान में ग्रामीणों को समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बालू खदान में बुधवार को दोपहर रास्ता बनाते समय पोकलैंड मशीन की चेन में फंसकर लोचन (40) पुत्र रामसजीवन निषाद की मौत हो गई। इससे खफा मजदूरों और ग्रामीणों ने खदान कर्मियों पर हमला कर दिया। खदान की पोकलैंड मशीन और बोलेरो क्षतिग्रस्त कर दी। दोनों पक्षों के कई लोग जख्मी हो गए।
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मारपीट में खदान कर्मी मुस्तफा खां, लल्लू कछवाह, विवेक सिंह व रवींद्र सिंह घायल हो गए। उधर, ग्रामीणों के पक्ष से अमित, जगपाल, सुखराम व बलराम निषाद को चोटें आईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदानकर्मी बलपूर्वक मशीन में दबे शव को ले जाना चाहते थे। बंदूक भी तानने का आरोप लगाया। इस पर ग्रामीणों ने जबरदस्त विरोध किया। खदान की चेकपोस्ट भी तहस नहस कर दी।
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रामभजन निषाद ने बताया कि ठेकेदार जान बचाकर उसके ट्यूबवेल में आ गए। यहां आक्रोशित ग्रामीण आ धमके और उसके दो बैग ले गए। बैग में बेटी के जेवर आदि थे। ग्रामीणों ने खदान कर्मियों को दौड़ा लिया। सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। पैलानी थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव, जसपुरा थानाध्यक्ष दुर्गविजय सिंह, चिल्ला थानाध्यक्ष तथा खप्टिहाकलां चौकी इंचार्ज भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश की। मृतक लोचन अपने पीछे तीन पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गया है।
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