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जंगली सूअर का शिकार करते एमपी के तीन शिकारी दबोचे
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शिकारियों के पास से वन विभाग द्वारा पकड़ी गई लग्जरी कार।
- फोटो : BANDA
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बांदा। विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल करके जंगली सूअर का शिकार करने के आरोप में वन विभाग की टीम ने तीन शिकारियों को जंगल में दबोच लिया। कई अन्य भाग निकले। पकड़े गए आरोपियों के पास जंगली सूअर का शव, लगभग दो बोरा मांस और जाइलो कार बरामद हुई है।
रविवार को दोपहर बाद गिरवां थाना क्षेत्र के बहादुरपुर स्योढ़ा जंगल में शिकारियों की भनक मिलने पर वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर तीन शिकारियों को दबोच लिया। इनके पास जाइलो कार में शिकार किया गया एक सूअर और करीब दो बोरों में सूअर का मांस था।
तीनों आरोपी सीमावर्ती मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राघवेंद्र प्रताप, जमुना प्रसाद व राजू कुशवाहा बताए गए हैं। वन विभाग की टीम ने तीनों को पकड़कर कार और मांस आदि अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के एसडीओ एमपी गौतम ने बताया कि मांस के लोथड़े में विस्फोटक (बम) रखकर शिकारी शिकार करते हैं। सूअर के मांस खाते ही विस्फोट हो जाता है। एसडीओ ने कहा कि पकड़े गए शिकारी मांस के व्यापारी हो सकते हैं। इनके संगठित गिरोह की भी संभावना है। इनके सहयोगियों की भी सुरागरशी की जा रही है।
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एसडीओ ने बताया कि दबिश देने वाली टीम में वन क्षेत्राधिकारी श्यामलाल, वन रक्षक कमलेश कुमार, वन दरोगा हरीकांत सहित अकबरपुर वन चौकी प्रभारी आदि शामिल रहे। पकड़े गए शिकारियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 व 51 के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। साथ ही गिरवां थाना पुलिस को भी कार्रवाई के लिए तहरीर देकर आरोपियों को सौंपा जा रहा है।
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रविवार को दोपहर बाद गिरवां थाना क्षेत्र के बहादुरपुर स्योढ़ा जंगल में शिकारियों की भनक मिलने पर वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर तीन शिकारियों को दबोच लिया। इनके पास जाइलो कार में शिकार किया गया एक सूअर और करीब दो बोरों में सूअर का मांस था।
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तीनों आरोपी सीमावर्ती मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राघवेंद्र प्रताप, जमुना प्रसाद व राजू कुशवाहा बताए गए हैं। वन विभाग की टीम ने तीनों को पकड़कर कार और मांस आदि अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के एसडीओ एमपी गौतम ने बताया कि मांस के लोथड़े में विस्फोटक (बम) रखकर शिकारी शिकार करते हैं। सूअर के मांस खाते ही विस्फोट हो जाता है। एसडीओ ने कहा कि पकड़े गए शिकारी मांस के व्यापारी हो सकते हैं। इनके संगठित गिरोह की भी संभावना है। इनके सहयोगियों की भी सुरागरशी की जा रही है।
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एसडीओ ने बताया कि दबिश देने वाली टीम में वन क्षेत्राधिकारी श्यामलाल, वन रक्षक कमलेश कुमार, वन दरोगा हरीकांत सहित अकबरपुर वन चौकी प्रभारी आदि शामिल रहे। पकड़े गए शिकारियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 व 51 के तहत रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। साथ ही गिरवां थाना पुलिस को भी कार्रवाई के लिए तहरीर देकर आरोपियों को सौंपा जा रहा है।