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Banda News: वार्डों में नहीं जगह, गोद में करा रहे बच्चों का इलाज
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बांदा। वायरल फीवर और डायरिया का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। जिला अस्पताल में रविवार को 90 बेड फुल रहे। ट्राॅमा सेंटर में भी यही स्थिति रही। यहां सभी 22 बेड फुल हैं। इलाज कराने आए तीमारदारों को जमीन पर बैठकर और गोद में बच्चों का इलाज कराना पड़ा। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 500 आईवी फ्लूड (बोतल, इंजेक्शन) की खपत हो रही है।
जिला अस्पताल 103 बेड का है। यहां चार वार्ड इमरजेंसी, बच्चा, पुरुष और महिला में लगभग 90 बेड फुल रहे। ज्यादातर मरीज वायरल फीवर और डायरिया से ग्रसित भर्ती कराए गए। ट्राॅमा सेंटर का हाल भी हाउस फुल रहा। यहां के सभी 22 बेड फुल होने से मरीजों के साथ तीमारदारों को जहां जगह मिली वहां उन्होंने इलाज कराया। जिला अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 500 आईवी फ्लूड की खपत हो रही है।
रविवार को ट्राॅमा सेंटर में बगेहटा गांव निवासी असद (8), मर्दननाका निवासी भारती (21), गायत्री नगर निवासी शिवप्रसाद (60), ओरन निवासी दिनेश (50), छिबांव निवासी कल्लू (50), गूलरनाका निवासी रजनी देवी (50), बंगालीपुरा निवासी केशकली (40), तिंदवारी निवासी करन (1), जमवारा गांव निवासी निशा (15) को बुखार और डायरिया के चलते ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
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वायरल फीवर और डायरिया के मरीजों की अधिकता के चलते बेड फुल हुए हैं। अगर समस्या आएगी तो स्वाइन फ्लू वार्ड को खोल दिया जाएगा। भर्ती मरीजों को बेड दिया जाएगा। उन्होंने सभी ईएमओ को निर्देश दिए हैं। अगर बेड नहीं मिल रहे हैं तो ईएमओ से कहकर वार्ड खुलवाया जा सकता है। -डॉ. एसएन मिश्र, सीएमएस, जिला अस्पताल, पुरुष, बांदा।
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जिला अस्पताल 103 बेड का है। यहां चार वार्ड इमरजेंसी, बच्चा, पुरुष और महिला में लगभग 90 बेड फुल रहे। ज्यादातर मरीज वायरल फीवर और डायरिया से ग्रसित भर्ती कराए गए। ट्राॅमा सेंटर का हाल भी हाउस फुल रहा। यहां के सभी 22 बेड फुल होने से मरीजों के साथ तीमारदारों को जहां जगह मिली वहां उन्होंने इलाज कराया। जिला अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन 500 आईवी फ्लूड की खपत हो रही है।
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रविवार को ट्राॅमा सेंटर में बगेहटा गांव निवासी असद (8), मर्दननाका निवासी भारती (21), गायत्री नगर निवासी शिवप्रसाद (60), ओरन निवासी दिनेश (50), छिबांव निवासी कल्लू (50), गूलरनाका निवासी रजनी देवी (50), बंगालीपुरा निवासी केशकली (40), तिंदवारी निवासी करन (1), जमवारा गांव निवासी निशा (15) को बुखार और डायरिया के चलते ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
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वायरल फीवर और डायरिया के मरीजों की अधिकता के चलते बेड फुल हुए हैं। अगर समस्या आएगी तो स्वाइन फ्लू वार्ड को खोल दिया जाएगा। भर्ती मरीजों को बेड दिया जाएगा। उन्होंने सभी ईएमओ को निर्देश दिए हैं। अगर बेड नहीं मिल रहे हैं तो ईएमओ से कहकर वार्ड खुलवाया जा सकता है। -डॉ. एसएन मिश्र, सीएमएस, जिला अस्पताल, पुरुष, बांदा।