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युवक की हत्या मेें उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 08 Oct 2015 12:39 AM IST
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बांदा। युवक की हत्या के जुर्म में आरोपी को अदालत ने
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उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस आरोपी को इससे पहले भी
एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है।
नरैनी थाना क्षेत्र के मुतियारी गांव के श्यामलाल ने 20 मार्च 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका युवा पुत्र विनोद कुमार तिवारी शौच के लिए शाम को कछार नाले की ओर गया था। वहां गांव के ही राजा तिवारी पुत्र बटाईलाल ने रात करीब आठ बजे तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। गांव के रामस्वरूप और कुसुमा वहां मौजूद थे।
रिपोर्ट में यह भी हवाला दिया कि राजा तिवारी और वह खुद हत्या के एक दूसरे मामले में 1991 में फंसे थे। इसमें वह (श्यामलाल) अदालत से बरी हो गया। राजा तिवारी को उम्रकैद हो गई। तभी से राजा तिवारी उससे रंजिश रखता था। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत ने आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी फेरन सिंह पाल ने सात गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) हरिनाथ पांडेय ने इस मुकदमे का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राजा तिवारी को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद होगी। अभियुक्त जेल में है।
नरैनी थाना क्षेत्र के मुतियारी गांव के श्यामलाल ने 20 मार्च 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका युवा पुत्र विनोद कुमार तिवारी शौच के लिए शाम को कछार नाले की ओर गया था। वहां गांव के ही राजा तिवारी पुत्र बटाईलाल ने रात करीब आठ बजे तमंचे से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। गांव के रामस्वरूप और कुसुमा वहां मौजूद थे।
रिपोर्ट में यह भी हवाला दिया कि राजा तिवारी और वह खुद हत्या के एक दूसरे मामले में 1991 में फंसे थे। इसमें वह (श्यामलाल) अदालत से बरी हो गया। राजा तिवारी को उम्रकैद हो गई। तभी से राजा तिवारी उससे रंजिश रखता था। पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत ने आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी फेरन सिंह पाल ने सात गवाह पेश किए। बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) हरिनाथ पांडेय ने इस मुकदमे का फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राजा तिवारी को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद होगी। अभियुक्त जेल में है।