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Banda News: सर्दी का सितम...बिगड़ी सेहत, 30 से अधिक मरीज पहुंचे अस्पताल
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फोटो- 14 इलाज के लिए आए कंबल ओढ़कर बुजुर्ग। संवाद
ट्रॉमा सेंटर में पूरे दिन घबराहट, श्वांस और पेट दर्द से पीड़ित मजीज आते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या तो बिगड़ ही रही है, साथ ही उनकी सेहत भी प्रभावित हो रही है। जिला अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें श्वांस और कोल्ड डायरिया से पीड़ित लोगों की तादाद काफी अधिक है। शनिवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद, दोपहर 12 बजे तक ओपीडी खुली रही, लेकिन ट्रॉमा सेंटर में पूरे दिन घबराहट, श्वांस और पेट दर्द से पीड़ित रोगी आते रहे। सर्दी के कारण हालत बिगड़ने पर 30 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में पिपरीखेरवा गांव के जगबिंद (27), बबेरू की अनीसा (65), फतेहपुर के ललौली गांव के रिजवान (12), कटरा मोहल्ला की ऊषा (64), महेश्वरी देवी रोड के सुनील कुमार (42), अछरौड़ गांव के बदलू (60), करहिया गांव की श्यामा (34), जखनी गांव के सुनील (26), सिवली मौदहा के लुकमानुद्दीन (28), सुतरखाना के हरिप्रसाद (65), हथौरा की अबूतारा (15), मसूरी गिरवां की केसकली (40) और खूंटी चौराहा की नीतू (29) शामिल हैं। इन सभी को श्वांस, घबराहट, कोल्ड डायरिया और सर्दी लगने की शिकायत पर भर्ती किया गया। अधिकांश मरीज भाप लेते हुए दिखाई दिए।
डॉक्टरों की सलाह और बचाव के उपाय
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. विनीत सचान के अनुसार, धूप न निकलने के कारण सर्दी लगने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों और बच्चों के साथ-साथ युवा भी सर्दी की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में शरीर को गर्म रखें, गर्म तासीर वाले भोजन का सेवन करें और ठंडी चीजों से परहेज करें। यदि जी मिचलाना, खट्टी डकार या तीन से चार बार दस्त आने जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। गंभीर स्थिति में, जैसे कि श्वांस उखड़ना या घबराहट होना, तत्काल अस्पताल आकर दिखाना चाहिए।
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ट्रॉमा सेंटर में पूरे दिन घबराहट, श्वांस और पेट दर्द से पीड़ित मजीज आते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। कड़ाके की ठंड के कारण लोगों की दिनचर्या तो बिगड़ ही रही है, साथ ही उनकी सेहत भी प्रभावित हो रही है। जिला अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें श्वांस और कोल्ड डायरिया से पीड़ित लोगों की तादाद काफी अधिक है। शनिवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद, दोपहर 12 बजे तक ओपीडी खुली रही, लेकिन ट्रॉमा सेंटर में पूरे दिन घबराहट, श्वांस और पेट दर्द से पीड़ित रोगी आते रहे। सर्दी के कारण हालत बिगड़ने पर 30 से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में पिपरीखेरवा गांव के जगबिंद (27), बबेरू की अनीसा (65), फतेहपुर के ललौली गांव के रिजवान (12), कटरा मोहल्ला की ऊषा (64), महेश्वरी देवी रोड के सुनील कुमार (42), अछरौड़ गांव के बदलू (60), करहिया गांव की श्यामा (34), जखनी गांव के सुनील (26), सिवली मौदहा के लुकमानुद्दीन (28), सुतरखाना के हरिप्रसाद (65), हथौरा की अबूतारा (15), मसूरी गिरवां की केसकली (40) और खूंटी चौराहा की नीतू (29) शामिल हैं। इन सभी को श्वांस, घबराहट, कोल्ड डायरिया और सर्दी लगने की शिकायत पर भर्ती किया गया। अधिकांश मरीज भाप लेते हुए दिखाई दिए।
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डॉक्टरों की सलाह और बचाव के उपाय
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. विनीत सचान के अनुसार, धूप न निकलने के कारण सर्दी लगने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों और बच्चों के साथ-साथ युवा भी सर्दी की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में शरीर को गर्म रखें, गर्म तासीर वाले भोजन का सेवन करें और ठंडी चीजों से परहेज करें। यदि जी मिचलाना, खट्टी डकार या तीन से चार बार दस्त आने जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। गंभीर स्थिति में, जैसे कि श्वांस उखड़ना या घबराहट होना, तत्काल अस्पताल आकर दिखाना चाहिए।
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