{"_id":"69385ea108ed4f740c0d4aa9","slug":"the-unnao-criminal-who-specializes-in-escaping-escaped-from-the-medical-college-by-hopping-on-one-leg-banda-news-c-212-1-sknp1006-137257-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: फरारी में माहिर उन्नाव का शातिर एक पैर से उचक-उचककर मेडिकल कॉलेज से था भागा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: फरारी में माहिर उन्नाव का शातिर एक पैर से उचक-उचककर मेडिकल कॉलेज से था भागा
Tue, 09 Dec 2025 11:08 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:08 PM IST
विज्ञापन
फोटो - 13 लिफ्ट से निकलने के बाद लगड़ाते हुए भागता बदमाश अतुल। वीडियो ग्रैब
बांदा। भागने में माहिर उन्नाव निवासी शातिर अतुल सिंह एक पैर से उचक-उचककर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज से भागा था। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज यह राज उजागर हुआ है। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के वार्ड ब्लॉक में तीसरे तल पर स्थित अस्थि रोग विभाग की प्रथम विंग से वह सिपाहियों को बाथरूम जाने का चकमा देकर लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर में आया था, यहां से एक पैर के सहारे उचक-उचककर भाग रहा था। उसके भागने का यह सीन सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को सीजेएम न्यायालय में पेश किया। यहां से उसे देर शाम जेल भेज दिया गया है।
उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के मुनऊ खेड़ा गांव निवासी अतुल सिंह को बीती 17 नवंबर को बाएं पैर में फ्रैक्चर होने की वजह से जिला कारागार से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में अस्थि रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में हेड कांस्टेबल सौरभ यादव, अजय सिंह, मुकेश कुमार व शत्रुघ्न सिंह को पुलिस लाइन से तैनात किया गया था। सात दिसंबर की रात जब हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार व शत्रुघ्न खाना खाने अपने कमरे गए थे तब सुरक्षा में लगे हेड कांस्टेबल सौरभ यादव व अजय सिंह को बाथरूम जाने का बहाना बनाकर वह तीसरे तल से लिफ्ट से उतरकर ग्राउंड फ्लोर में आया था और एक पैर के सहारे उचक-उचककर वहां से भाग निकला था।
पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो सारी हकीकत से पर्दा उठ गया। उसके बाद पुलिस ने उसे सर्विलांस से ट्रेस कर केसीएनआईटी कॉलेज के पीछे परागी तालाब के पास मुठभेड़ में पकड़ लिया था। जिला अस्पताल में 24 घंटे इलाज के बाद कोतवाली पुलिस ने उसे सीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उसे कारागार भेज दिया है। सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि न्यायालय ने अतुल को जेल भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
ऐन वक्त में करीबियों ने छोड़ा साथ तो धरा गया अतुल
बांदा। उन्नाव के शातिर अतुल को मध्य प्रदेश की सीमा में छोड़ने का दंभ भरने वाले करीबियों ने भी ऐन वक्त पर उसका साथ छोड़ दिया था। जिस समय अतुल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में सेंध लगाकर वहां से भागा तो उसके साथ कोई नहीं था। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह वहां से सीधा शहर के अलीगंज मोहल्ले पहुंचा था। वहां अपने किसी मददगार से उसने शरण ली थी लेकिन उस मददगार ने सिर्फ उसे तमंचा और कुछ रुपये देने के अलावा और आगे तक साथ नहीं दिया था। इस पर वह एक पैर से लंगड़ा, अकेले ही भागने की फिराक में लगा था। इसी कवायद के बीच वह सर्विलांस की जद में आ गया था।
पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद जिला अस्पताल में कई चक्र उससे पूछताछ की गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसने अपने किसी मददगार का नाम तक नहीं लिया। हालांकि पुलिस अलीगंज क्षेत्र में अपने मुखबिर तंत्र को फैला रखा है। पुलिस अधिकारियों की माने तो जल्द ही इसमें अतुल के करीबी भी पुलिस के हत्थे चढ़ सकते हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
छतरपुर जिले में आरक्षी पद पर तैनात है शातिर अतुल की पत्नी
बांदा। उन्नाव के अतुल सिंह को पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी भी बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच में यह तत्थ अभी सामने नहीं आ सका है। अतुल की पत्नी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आरक्षी पद पर तैनात है। पुलिस अधिकारियों की माने तो वह काफी शातिर दिमाग का अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, गैंगस्टर, गांजा तस्करी, धोखाधड़ी व मारपीट के 20 से ज्यादा प्राथमिकी उन्नाव, रायबरेली और बांदा में दर्ज हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
अतुल के करीबियों की कुंडली खंगाली जा रही है। मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रथम दृष्टया चारों हेड कांस्टेबलों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनके खिलाफ लापरवाही बरतने की जांच शुरू की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतुल को न्यायालय में पेश किया गया है। उसे जेल भेज दिया गया है।
पलाश बंसल
पुलिस अधीक्षक, बांदा।
विज्ञापन
उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के मुनऊ खेड़ा गांव निवासी अतुल सिंह को बीती 17 नवंबर को बाएं पैर में फ्रैक्चर होने की वजह से जिला कारागार से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में अस्थि रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में हेड कांस्टेबल सौरभ यादव, अजय सिंह, मुकेश कुमार व शत्रुघ्न सिंह को पुलिस लाइन से तैनात किया गया था। सात दिसंबर की रात जब हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार व शत्रुघ्न खाना खाने अपने कमरे गए थे तब सुरक्षा में लगे हेड कांस्टेबल सौरभ यादव व अजय सिंह को बाथरूम जाने का बहाना बनाकर वह तीसरे तल से लिफ्ट से उतरकर ग्राउंड फ्लोर में आया था और एक पैर के सहारे उचक-उचककर वहां से भाग निकला था।
विज्ञापन
पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो सारी हकीकत से पर्दा उठ गया। उसके बाद पुलिस ने उसे सर्विलांस से ट्रेस कर केसीएनआईटी कॉलेज के पीछे परागी तालाब के पास मुठभेड़ में पकड़ लिया था। जिला अस्पताल में 24 घंटे इलाज के बाद कोतवाली पुलिस ने उसे सीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उसे कारागार भेज दिया है। सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने बताया कि न्यायालय ने अतुल को जेल भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
विज्ञापन
ऐन वक्त में करीबियों ने छोड़ा साथ तो धरा गया अतुल
बांदा। उन्नाव के शातिर अतुल को मध्य प्रदेश की सीमा में छोड़ने का दंभ भरने वाले करीबियों ने भी ऐन वक्त पर उसका साथ छोड़ दिया था। जिस समय अतुल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में सेंध लगाकर वहां से भागा तो उसके साथ कोई नहीं था। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह वहां से सीधा शहर के अलीगंज मोहल्ले पहुंचा था। वहां अपने किसी मददगार से उसने शरण ली थी लेकिन उस मददगार ने सिर्फ उसे तमंचा और कुछ रुपये देने के अलावा और आगे तक साथ नहीं दिया था। इस पर वह एक पैर से लंगड़ा, अकेले ही भागने की फिराक में लगा था। इसी कवायद के बीच वह सर्विलांस की जद में आ गया था।
पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद जिला अस्पताल में कई चक्र उससे पूछताछ की गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को गुमराह करता रहा। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसने अपने किसी मददगार का नाम तक नहीं लिया। हालांकि पुलिस अलीगंज क्षेत्र में अपने मुखबिर तंत्र को फैला रखा है। पुलिस अधिकारियों की माने तो जल्द ही इसमें अतुल के करीबी भी पुलिस के हत्थे चढ़ सकते हैं।
छतरपुर जिले में आरक्षी पद पर तैनात है शातिर अतुल की पत्नी
बांदा। उन्नाव के अतुल सिंह को पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का करीबी भी बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस जांच में यह तत्थ अभी सामने नहीं आ सका है। अतुल की पत्नी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आरक्षी पद पर तैनात है। पुलिस अधिकारियों की माने तो वह काफी शातिर दिमाग का अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, गैंगस्टर, गांजा तस्करी, धोखाधड़ी व मारपीट के 20 से ज्यादा प्राथमिकी उन्नाव, रायबरेली और बांदा में दर्ज हैं।
अतुल के करीबियों की कुंडली खंगाली जा रही है। मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रथम दृष्टया चारों हेड कांस्टेबलों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उनके खिलाफ लापरवाही बरतने की जांच शुरू की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अतुल को न्यायालय में पेश किया गया है। उसे जेल भेज दिया गया है।
पलाश बंसल
पुलिस अधीक्षक, बांदा।