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नहीं बनी अस्थाई गौशाला, फिर खाई पशुओं ने फसल

Thu, 26 Dec 2019 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 10:51 PM IST
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The temporary cowshed was not built, then the animals ate the crop
पिपरगंवा गांव में अस्थायी गौशाला अधूरी पड़ी है। यहां दो स्थानों पर लकड़ियों के सहारे की गई घेराबंदी में करीब डेढ़ सैकड़ा अन्ना पशु बंद हैं। आठ दिसंबर को मुख्यमंत्री के भ्रमण के बाद प्रधान ने गोशाला की गाए छोड़ दी थी।
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गायों ने खेतों को भारी नुकसान पहुंचाया था। किसानों के विरोध पर पुलिस ने ग्राम प्रधान को एक सप्ताह के अंदर गोशाला बनवाने को कहा था, लेकिन अब तक पूरी तरह गोशाला तैयार नहीं की गई। नतीजे में बुधवार की रात फिर गोशाला की बाड़ तोड़कर निकल भागे पशुओं ने लगभग 20 बीघे की फसल सफाचट कर दी।
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किसानों ने सुबह फिर इन्हें हांककर गोशाला में बंद किया। एक हफ्ते में यहां छह गायों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण लंबरी, पवन कुमार, अरविंद, सुरेश, रामनारायन, सुर्जन व अशोक आदि ने प्रशासन से शीघ्र गौशाला निर्माण कराने और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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ग्राम प्रधान और सचिव पर भी कार्रवाई की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान संतोष कुमार कहना है कि शासन या प्रशासन से कोई बजट नहीं मिला है। वह अपने निजी खर्च से व्यवस्था करवा रहे हैं। भरोसा दिलाया कि एक दो दिन में अस्थायी गोशाला शुरू हो जाएगी। उधर, एसडीएम सुरजीत सिंह का कहना है कि जांच कराकर निमयानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कमासिन ब्लाक के चकरेही गांव में चल रहे अस्थायी पशु आश्रय केंद्र में गायों की दुर्दशा है। जगंली जानवर उन्हें अपना शिकार नेवाला बना रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राम जी (दलपुरवा) ने बताया कि यहां करीब 400 गाय थीं अब 200 बची है। कहा कि लगभग 50 गायें जंगली जानवर का शिकार बन चुकी है। कहा कि पांच गौ सेवकों की नियुक्ति है।
उन्हें प्रतिमाह की दर छह हजार रुपये प्रत्येक गौ सेवक को मानदेय दिया जा रहा है, लेकिन गायों को ठंड से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। शीघ्र ही व्यवस्था न हुई तो बड़ी तादात में गायों की मौत हो सकती है। ब्यूरो
मोस्ट युवा जागृति संस्थान ने गुरुवार को पुलिस उप महानिरीक्षक दीपक कुमार को ज्ञापन सौंप कर कहा कि प्रणाम न करने से गुस्साए दबंग द्वारा अनुसूचित जाति के युवक पर फावड़े से पैर काट देने के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। घायल की इलाज के दौरान मौत हो गई है। दबंग आरोपी पैरवी करने वालों को धमका रहे है।
कहा कि 17 नवंबर को चित्रकूट जनपद के पहाड़ी थाना अंतर्गत अदौहा गांव में रामकिशोर कोटार्य को दबंग ने फावड़े से हमला कर पैर काट दिया था। घायल रामकिशोर की 25 दिसंबर को इलाहाबाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। ज्ञापन में कहा कि संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष कैलाश बौद्ध इस मामले में पीड़ित परिवार की मदद कर रहे है।

इस पर आरोपी ने उन्हें भी फोन पर जान से मार देने की धमकी दी है। इसकी काल रिकार्डिंग उपलब्ध है। ज्ञापन में मांग की गई है कि आरोपी के खिलाफ धारा 302 की कार्रवाई कर गिरफ्तार करने के लिए चित्रकूट पुलिस को आदेश दिए जाए। साथ ही कैलाश बौद्ध को पुलिस सुरक्षा दी जाए। ज्ञापन देने वालों में समाज सेवी ह्रदेश कुमार वर्मा, युवा जागृति संस्थान जिला अध्यक्ष अमितेंद्र कुमार कोरी सहित अलिखेश कुमार अनुरागी, महेंद्र कुमार, तरुण कुमार और दिलीप सिंह आदि शामिल रहे।
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