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अवैध खनन में मजदूर की मौत की टीम करे जांच
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The team should investigate the death of the worker in illegal mining
- फोटो : BANDA
बांदा। नरैनी तहसील के पाड़ादेव (रिसौरा) गांव के पास अवैध खनन के दौरान टीला ढहने से युवा मजदूर की दबकर हुई मौत मामले में प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री जीसी दिनकर ने मंडलायुक्त सहित प्रदेश सरकार से टीम गठित कर जांच कराने की मांग की है।
बुधवार (8 जनवरी) की रात पाड़ा देव गांव के पास बालू का खनन करते समय टीला ढह जाने से खनन में लगे मजदूर सूरजदीन (30) पुत्र भाऊ यादव की दबकर मौत हो गई थी। हालांकि बालू कारोबारियों के दबाव में पिता ने खेत ताकते समय टीला ढहने की बात कही थी। खनन के दौरान हुई मौत की खबर ‘अमर उजाला’ में छपने के बाद शुक्रवार को प्रदेश के पूर्व मंत्री जीसी दिनकर ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह और मंडलायुक्त को पत्र भेजकर कहा है कि पाड़ा देव में बालू खनन के लिए किसी को कोई पट्टा नहीं है।
स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में अवैध खनन हो रहा है। बालू माफिया वहां कैंप लगाकर रोजाना 40 से 50 ट्रक बालू खुलेआम निकाल रहे हैं। ट्रैक्टर ट्रालियों से 1300 रुपये वसूले जा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि हर पखवारे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये संबंधित थाने की पुलिस को दिए जाते रहे हैं।
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पूर्व मंत्री ने कहा है कि टीला ढहने से गोपरा गांव के भऊवा यादव के इकलौते पुत्र की मौत हो गई। तीन अन्य मजदूरों को बालू माफि याओं ने आनन-फानन में निकाल लिया। कहा कि मजदूर के शव को पहले गायब करने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों के घेराव से नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस और मृतक परिवार को कुछ लेकर देकर मनमाफिक तहरीर लेकर मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई। पूर्व मंत्री ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच सक्षम व ईमानदारी प्रशासनिक अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर कराई जाएं। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
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बुधवार (8 जनवरी) की रात पाड़ा देव गांव के पास बालू का खनन करते समय टीला ढह जाने से खनन में लगे मजदूर सूरजदीन (30) पुत्र भाऊ यादव की दबकर मौत हो गई थी। हालांकि बालू कारोबारियों के दबाव में पिता ने खेत ताकते समय टीला ढहने की बात कही थी। खनन के दौरान हुई मौत की खबर ‘अमर उजाला’ में छपने के बाद शुक्रवार को प्रदेश के पूर्व मंत्री जीसी दिनकर ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह और मंडलायुक्त को पत्र भेजकर कहा है कि पाड़ा देव में बालू खनन के लिए किसी को कोई पट्टा नहीं है।
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स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में अवैध खनन हो रहा है। बालू माफिया वहां कैंप लगाकर रोजाना 40 से 50 ट्रक बालू खुलेआम निकाल रहे हैं। ट्रैक्टर ट्रालियों से 1300 रुपये वसूले जा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि हर पखवारे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये संबंधित थाने की पुलिस को दिए जाते रहे हैं।
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पूर्व मंत्री ने कहा है कि टीला ढहने से गोपरा गांव के भऊवा यादव के इकलौते पुत्र की मौत हो गई। तीन अन्य मजदूरों को बालू माफि याओं ने आनन-फानन में निकाल लिया। कहा कि मजदूर के शव को पहले गायब करने की कोशिश की गई, लेकिन ग्रामीणों के घेराव से नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस और मृतक परिवार को कुछ लेकर देकर मनमाफिक तहरीर लेकर मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई। पूर्व मंत्री ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच सक्षम व ईमानदारी प्रशासनिक अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित कर कराई जाएं। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।