{"_id":"69e3d4a73099dc17ca0b17e4","slug":"the-sun-glared-the-mercury-crossed-44-degrees-and-hot-winds-blew-banda-news-c-212-1-sknp1006-144836-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: सूरज ने तरेरी आंखे, 44 पार पहुंचा पारा, चली गरम हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: सूरज ने तरेरी आंखे, 44 पार पहुंचा पारा, चली गरम हवा
Sun, 19 Apr 2026 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 19 Apr 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
फोटो- 29 धूप से बचने को छाता लगाकर जाते स्कूली बच्चे। संवाद
बांदा। अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह तापमान में पूर्वानुमान के मुताबिक पारा तमतमा रहा है। शनिवार को बांदा का अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहा। सुबह 11 बजे से गरम हवा चलने लगी। लोग साफी व दुपट्टा का साया करके निकलने में मजबूर हुए। दोपहर एक से दो बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा रहा।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह के अंत तक तापमान में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। शनिवार को पारे ने उछाल मारते हुए 44 डिग्री का आंकड़ा पार कर दिया। नमी का स्तर भी 30 प्रतिशत नीचे पहुंचने से दिन भर गरम हवाओं के थपेड़े चलते रहे। वर्ष 2022 के बाद इस वर्ष पारे में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि सब्जी की फसलों में किसान सिंचाई करते रहे। इससे फसल खराब होने से बचेगी।लने में मजबूर हुए। दोपहर एक से दो बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा रहा।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह के अंत तक तापमान में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। शनिवार को पारे ने उछाल मारते हुए 44 डिग्री का आंकड़ा पार कर दिया। नमी का स्तर भी 30 प्रतिशत नीचे पहुंचने से दिन भर गरम हवाओं के थपेड़े चलते रहे। वर्ष 2022 के बाद इस वर्ष पारे में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिनेश शाहा ने बताया कि सब्जी की फसलों में किसान तराई करते रहे। इससे फसल खराब होने से बचेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह के अंत तक तापमान में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। शनिवार को पारे ने उछाल मारते हुए 44 डिग्री का आंकड़ा पार कर दिया। नमी का स्तर भी 30 प्रतिशत नीचे पहुंचने से दिन भर गरम हवाओं के थपेड़े चलते रहे। वर्ष 2022 के बाद इस वर्ष पारे में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि सब्जी की फसलों में किसान सिंचाई करते रहे। इससे फसल खराब होने से बचेगी।लने में मजबूर हुए। दोपहर एक से दो बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा रहा।
विज्ञापन
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह के अंत तक तापमान में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। शनिवार को पारे ने उछाल मारते हुए 44 डिग्री का आंकड़ा पार कर दिया। नमी का स्तर भी 30 प्रतिशत नीचे पहुंचने से दिन भर गरम हवाओं के थपेड़े चलते रहे। वर्ष 2022 के बाद इस वर्ष पारे में उत्तरोत्तर वृद्धि देखी जा रही है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम व कृषि विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिनेश शाहा ने बताया कि सब्जी की फसलों में किसान तराई करते रहे। इससे फसल खराब होने से बचेगी।
विज्ञापन