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Banda News: डॉक्टर न जांच मशीन और जरूरी दवाएं

Sun, 04 Oct 2026 11:01 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 04 Oct 2026 11:01 PM IST
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The doctor has neither diagnostic machines nor essential medicines.
फोटो 13- पीएचसी अहार में मरीज देखतीं डॉक्टर। संवाद
बांदा/अतर्रा/बदौसा। अतर्रा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जन आरोग्य मेले में अव्यवस्थाएं सामने आईं।
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हफ्ते में दो दिन डॉक्टर की तैनाती होने के बाद भी दोपहर 11:30 बजे तक कुर्सी खाली रही। बीपी और शुगर की जांच एक माह से बंद है। खांसी का सीरप, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और एंटीबायोटिक समेत जरूरी सामान्य दवाएं भी नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
बांदा के नगरीय पीएचसी छाबीतालाब में डॉ. उपासना खरे तबीयत खराब होने की वजह से से जल्दी चलीं गईं। उनकी जगह पर आयुष डॉ. रामप्रसाद त्यागी ने मरीजों को देखा। यहां खांसी का सीरप नहीं मिला। ज्यादातर मरीज बुखार, जुकाम के थे। अतर्रा के ओरन मार्ग स्थित कृष्णा नगर के आरोग्य मंदिर में दोपहर तक चिकित्सक के नहीं पहुंचने से मरीज इंतजार करते रहे।
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स्वास्थ्य कर्मियों भीष्मदेव सिंह और जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि रविवार और बुधवार को डॉक्टर शिल्पा गुप्ता की तैनाती है। दिखितवारा निवासी प्रथम तिवारी पर्चा बनवाकर दोपहर 12 बजे तक डॉक्टर का इंतजार करते रहे। आखिर में उन्हें बिना इलाज कराए ही घर लौटना पड़ा। कृष्णा नगर निवासी 75 वर्षीय रामबाई ने बताया कि वह सुबह से दूसरी बार अस्पताल आई हैं। करीब आधे घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रही हैं, लेकिन इलाज नहीं मिल सका।
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अस्पताल पहुंचे मरीजों ने बताया कि बीपी और शुगर की जांच कराने के लिए एक माह से चक्कर लगा रहे हैं। जांच मशीन न होने से उन्हें हर बार लौटना पड़ता है। इसके अलावा सामान्य दवाएं भी न होने की शिकायत की। मरीजों का कहना है कि जब डॉक्टर समय पर नहीं मिलते और जांच व जरूरी दवाओं की सुविधा भी नहीं है तो आरोग्य मेले का लाभ कैसे मिलेगा। सप्ताह में केवल दो दिन ओपीडी संचालित होने से बाकी दिनों में भी मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
पीएचसी अहार में 48 मरीजों का इलाज
बांदा। बबेरू क्षेत्र के पीएचसी अहार में डॉ. अंजली त्रिपाठी ने 48 मरीजों को देखा। फार्मासिस्ट कैलाश नाथ, कमाल अख्तर, आसिफ और मजू तिवारी समेत स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे। बदौसा के नवीन पीएचसी में डॉ. दीपक द्विवेदी की देखरेख में मरीजों को जांच और दवाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई। अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश ने बताया कि शिव, रयान, भभुवा, मझीवां, सिमौनी और पखरौली समेत विभिन्न पीएचसी में 250 मरीजों को देखा गया। (संवाद)

जसपुरा में 94 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण
बांदा। सीएचसी जसपुरा अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार के निर्देशन में 94 मरीजों को परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गईं। पीएचसी सिंधनकलां में 38, गड़रिया में 25 और चंदवारा में 31 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चंदवारा में चिकित्साधिकारी डॉ. सुमन देवी, फार्मासिस्ट महेंद्र सिंह उत्तम और लैब टेक्नीशियन अखिलेश सिंह गौतम मौजूद रहे।

सिंधनकलां में चिकित्साधिकारी डॉ. शशि सिंह चौहान, फार्मासिस्ट प्रदीप सिंह और लैब टेक्नीशियन सुधांशु सागर ने सेवाएं दीं। गड़रिया में चिकित्साधिकारी डॉ. अंकुर अवस्थी, फार्मासिस्ट प्रदीप दीक्षित और लैब टेक्नीशियन विवेक चंद्र त्रिपाठी ने मरीजों का परीक्षण किया। (संवाद)
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