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दूरबीन विधि से आपरेशन फिर शुरू, आठ सालों से शोपीस बनी थी सिस्टो स्कोपी मशीन
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:55 PM IST
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जिला अस्पताल के आपरेशन थियेटर में अब फिर से दूरबीन विधि से आपरेशन शुरू हो गए हैं। आठ सालों से शोपीस बनी ‘सिस्टो स्कोपी मशीन’ के दिन बहुर आए हैं।
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दूरबीन विधि से आपरेशन में मरीजों को अब ज्यादा तकलीफ भी नहीं सहनी पड़ेगी। हालांकि मशीन इस्तेमाल की जानकारी के लिए अस्पताल के सर्जन को दिल्ली में प्रशिक्षण लेना पड़ा।
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दूरबीन पद्धति में मामूली चीरे से ही आपरेशन को अंजाम दिया जाता है। इसके लिए ‘सिस्टो स्कोपी मशीन’ जिला अस्पताल में वर्ष 2006 में आई थी। तब तत्कालीन सर्जन डॉ.पीएन पार्या ही इस टेक्नॉलाजी का इस्तेमाल करते थे। उनका तबादला होते ही मशीन शोपीस बनकर रह गई। जिला अस्पताल में करीब आठ साल से यह बंद पड़ी थी।
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स्वास्थ्य विभाग ने भी सुध नहीं ली और न ही किसी सर्जन ने इस्तेमाल की जानकारी लेना चाही। अब फिर अस्पताल में दूरबीन पद्धति से आपरेशन शुरू हो गए। पांच माह पूर्व दिल्ली से प्रशिक्षण लेकर आए सर्जन डॉ.अनुराग श्रीवास्तव ने दावा किया कि मशीन के जरिए अब तक दो दर्जन से ज्यादा सफल आपरेशन किए गए।
पहले चीरा लगाकर आपरेशन होने से मरीज को 10 दिनों तक भर्ती रहना पड़ता था, लेकिन अब सिर्फ तीन दिन में ही मरीज की छुट्टी हो जाती है। प्रोस्टेट, पथरी समेत कई बीमारियों के आपरेशन इसी पद्धति से किए जाएंगे।