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फसल के सदमे से किसान की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:51 PM IST
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मृतक किसान के घर के बाहर बैठे परिजन व रिश्तेदार।
- फोटो : अमर उजाला
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नरैनी (बांदा)। अन्ना मवेशियों द्वारा फसल सफाचट किए जाने के सदमे से वृद्ध किसान की मौत हो गई। मृतक किसान को अपनी नातिन की शादी की चिंता भी सता रही थी। जून में उसकी बारात आनी थी।
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कोतवाली क्षेत्र के पनगरा गांव निवासी छकना प्रजापति (60) पुत्र बदिया शनिवार को देर शाम अन्ना मवेशियों से फसल बचाने को खेत की रखवाली करने गया था। रविवार को सुबह गांव के कुछ लोगों ने खेत में बनी झोपड़ी में उसे कराहते हुए देखा। ग्रामीणों ने इसकी खबर घर वालों को दी। आनन-फानन परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान देर शाम उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर लौट गए। देर शाम बगैर पोस्टमार्टम कराए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में कर दिया।
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पुत्र राजेंद्र कुमार और व्यापारी प्रजापति ने बताया कि मृतक के नाम तीन बीघा जमीन है। काफी मेहनत के बाद उसने गेहूं की फसल बोई थी। खेतों की रखवाली करने के बाद भी अन्ना मवेशियों ने फसल सफाचट कर डाली। पिछले वर्ष सूखा पड़ जाने से भी पैदावार नहीं हुई। उन्हें अपनी नातिन गुड़िया की शादी की भी चिंता थी। उसकी शादी सीमावर्ती मध्य प्रदेश के बारा मझगवां (अजयगढ़) में तय कर दी थी।
जून में बारात आनी थी। मृतक के नाम बना एपीएल राशन कार्ड भी प्रशासन ने निरस्त कर दिया। उप जिलाधिकारी डॉ.सीएल सोनकर ने बताया कि मामला उनकी संज्ञान में है। मृतक किसान के परिवार को नियमानुसार सहायता दी जाएगी।