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नवरात्र के दूसरे दिन गूंजे अंबे के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Sun, 02 Oct 2016 11:48 PM IST
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नवरात्र पर महेश्वरी देवी मंदिर में कन्याओं को मिठाई बांटती महिला श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन द्वितीय ब्रह्मचारिणी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ और हवन-पूजन के विशेष आयोजन हुए। देवी पंडालों में रंगीन रोशनी के बीच भक्तों ने मैया के दर्शन किए। काली देवी, महेश्वरी देवी, जोगनी मंदिर, सिंहवाहिनी, मरही माता, महामाई, कालका देवी मंदिरों में जलाभिषेक के साथ नारियल, चुनरी, बताशा, फूल आदि देवी प्रतिमा पर समर्पित किया। कन्याओं को प्रसाद के रूप मेें मिठाई बांटी।
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उधर, खत्री पहाड़ विंध्यावासिनी मेला में पहले दिन क्षेत्रीय और मध्य प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। 511 सीढ़ियां चढ़कर प्राचीन मंदिर में दर्शन किया। पहाड़ की तलहटी स्थित नए मंदिर में दुर्गा सप्तसती पाठ और हवन-पूजन हुआ। मेला में दूर-दराज से आए व्यापारियों ने दुकानें सजाईं हैं। महिलाओं ने बच्चों का मुंडन कराया। कई श्रद्धालुओं ने मन्नतें पूरी हुईं तो मां को हलवा-पूड़ी का भोग लगाया और कन्या भोज कराया। रात में रामलीला, काला जादू, झूला आदि आकर्षण का केंद्र हैं। बबेरू में मढ़ी दाई, बाकल की जोगनी माता मंदिर और बेंदा की कालका देवी मंदिर में भीड़ रही। सीमावर्ती फतेहपुर व कौशांबी जिले के तमाम श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। अतर्रा में गौराबाबा धाम समेत विभिन्न मंदिरों में भी जलाभिषेक को श्रद्धालुओं में होड़ रही। मटौंध, तिंदवारी व नरैनी, कालिंजर में भी भव्य पंडालों व मंदिरों में मां के दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ी।
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