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आबाद होने से पहले ही खंडहर न हो जाए 42 करोड़ की विशिष्ट मंडी

Thu, 03 Sep 2020 11:00 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 11:00 PM IST
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The ruins of the 42-crore mandi should not be destroyed even before it is inhabited.
The ruins of the 42-crore mandi should not be destroyed even before it is inhabited. - फोटो : BANDA
बांदा। बसपा सरकार में वर्ष 2013 में महोबा रोड पर 41.99 करोड़ की लागत से बनवाई गई अत्याधुनिक विशिष्ट मंडी आबाद होने से पहले ही खंडहर न हो जाए। आसार और हालात यही संकेत दे रहे हैं। सात साल से मंडी वीरान है। व्यापारियों का रुझान मंडी परिसर के बाहर ही कारोबार पर ज्यादा है, क्योंकि परिसर के बारह मंडी शुल्क नहीं लग रहा।
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मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर महोबा रोड नेशनल हाइवे पर कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम ने करीब 50 एकड़ भूमि पर शानदार मंडी परिसर तैयार किया था। कार्यदायी संस्था नवीन मंडी भवन और परिसर को मंडी समिति प्रशासन को हैंडओवर कर चुकी है, लेकिन यह आज तक आबाद नहीं हो पाई। गल्ला व्यापारियों ने यहां कारोबार करने में दिलचस्पी नहीं ली। नतीजतन टीनशेड से लेकर दुकानें तक वीरान हैं।
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व्यापारियों का तर्क है कि विशिष्ट मंडी शहर से करीब आठ किलो मीटर दूर सुनसान इलाके में है। किसानों और पल्लेदारों को आने-जाने में खासी दिक्कतें हाेंगी। साथ ही मंडी में कारोबार करने से मंडी शुल्क लगेगा।
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विशिष्ट मंडी में सुविधाएं
‘ए’ व ‘बी’ श्रेणी की 42-42 दुकानें। ‘सी’ श्रेणी की 88 दुकानें। 12 मीटर चौड़े और 96 मीटर लंबे पांच टिनशेड के नीलामी चबूतरे। पल्लेदार शेड, 100 मीट्रिक टन क्षमता के 18 व 5000 मीट्रिक टन क्षमता के चार गोदाम। गार्ड रूम, कैंटीन, 10 सीटर दो आधुनिक शौचालय। पुलिस चौकी, बैंक, विद्युत सब स्टेशन, ओवरहेड टैंक, कार्यालय, गेस्ट रूम, पंप हाउस, पशु अस्पताल और आंतरिक मार्ग इत्यादि।
टैक्स बचाने को मंडी से मुंह मोड़ रहे व्यापारी
मंडी समिति सचिव विभा खरे का कहना है कि मंडी के बाहर मंडी शुल्क न लगने के केंद्र सरकार के आदेश के बाद टैक्स से बचने के लिए ज्यादातर व्यापारी मंडी के बाहर कारोबार का रुझान बनाए हुए हैं। नवीन मंडी के आबाद न होने राजस्व का नुकसान हो रहा है। सचिव ने कहा कि कोरोना की स्थिति खत्म होने के बाद नवीन मंडी में व्यापारियों को कारोबार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

एस्टीमेट के अनुरूप बनाया भवन
चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक (निर्माण) लालचंद्र का कहना है कि विशिष्ट मंडी में एस्टीमेट के मुताबिक सभी निर्माण कार्य पूरे हो गए हैं। भवन दिसंबर 2019 को मंडी समिति सचिव को हैंडओवर कर दिया गया है। मंडी को संचालित करने व व्यापारियों को वहां पहुंचाने का काम मंडी सचिव व जिला प्रशासन का है।
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