{"_id":"6873fa8e996f3cf0d30b223d","slug":"the-main-canal-was-breached-due-to-the-bank-bursting-water-entered-barauli-village-banda-news-c-212-1-bnd1007-129852-2025-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बैंक फट जाने से मुख्य नहर में हुआ कटान, बरौली गांव में घुसा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बैंक फट जाने से मुख्य नहर में हुआ कटान, बरौली गांव में घुसा पानी
विज्ञापन
नहर फट जाने से जलमग्न हुए खेत।
- फोटो : संवाद
करतल (बांदा)। बैंक फट जाने से नहरी कोठी के पास बरौली पुल में तीन जगह से मुख्य कैनाल में कटान हो गया। इससे गांव के अंदर पानी घुस गया। सैकड़ों बीघा धान की बेड़ बह गई। नहर विभाग की लापरवाही से किसानों में आक्रोश है।
सिंचाई प्रखंड तृतीय की ओर से बरियारपुर से मुख्य नहर का संचालन किया जा रहा है। मौजूदा समय में 1,76,350 क्यूसेक पानी मुख्य नहर से डिस्चार्ज हो रहा है। शनिवार को नहरी कोठी के पास बरौली गांव के पुल में तीन जगह से मुख्य कैनाल फट गई। कटान से नहर का पानी तेजी के साथ गांव के अंदर पहुंच गया, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीण मुन्नीलाल, स्वामी प्रसाद, मनोज कुमार, चंगा, मुरारी, साहिब आदि ने बताया कि घरों के अंदर पानी घुसने से गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया है। प्रधान कबीरूद्दीन ने बताया कि नहर का पानी घरों में पहुंचने से महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। प्रशासन को उनकी देखरेख का इंतजाम कराना चाहिए। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य कैनाल फटने से तेज बहाव के साथ पानी खेतों में पहुंचा, जिससे सैकड़ों बीघा धान की बेड़ बह गई। कहा कि अब नए सिरे से बेड़ लगानी होगी। समय ज्यादा होने से किसानों को नुकसान होगा। ग्रामीणों ने कहा कि प्रतिवर्ष मुख्य नहर की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन संचालन होते ही मुख्य नहर के बैंक फट जाते है और उसका खामियाजा किसानों को भोगना पड़ता है।
वर्जन
-बरकोला एस्केप में कार्य चल रहा है, हम वहीं पर मौजूद हैं। नहर में कटान की जानकारी हुई है, कर्मचारियों को भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा।
-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, प्रखंड तृतीय
जीरो प्वाइंट से कटी माइनर पटरी
अतर्रा। रहुसत माइनर की पटरी जीरो प्वाइंट में कट जाने से खेतों में नहर का पानी भर गया। ग्रामीण पप्पू यादव, रामकुमार, चुन्नू प्रजापति, सल्ला रैकवार, लक्का आदि ने बताया कि माइनर कई गांवों को जोड़ता है, लेकिन आजतक इसका डामरीकरण नहीं कराया गया। कहा कि जल्द ही माइनर के कटान की मरम्मत नहीं हुई तो किसानों के खेतों में पानी भर जाएगा और फसल बर्बाद हो जाएंगी। वहीं, इस संबंध में केन कैनाल के अवर अभियंता मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि समय के साथ सब सही हो जाएगा।
विज्ञापन
बारिश से बदहाल हुई कच्ची सड़क, आवागमन ठप
अतर्रा। पुनाहुर गांव के अंश गौतम पुरवा में बारिश से ग्रामीण बेहाल है। गांव पहुंचने वाले दोनों रास्ते कच्चे होने से बरसात से घुटनों तक कीचड़ हो गया है, जिससे ग्रामीण का आवागमन ठप है। ग्रामीण लवलेश गौतम, अंशुल, भैरमदीन, रजनीश, रामअवतार वर्मा, लक्खू सिंह ने बताया कि करीब दो किमी लंबे रास्ते से वाहन और एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रहे। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग और बीमार लोगों को इससे भारी कठिनाई होती है। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रियंका भी सड़क बनवाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुकी हैं। (संवाद)
विज्ञापन
सिंचाई प्रखंड तृतीय की ओर से बरियारपुर से मुख्य नहर का संचालन किया जा रहा है। मौजूदा समय में 1,76,350 क्यूसेक पानी मुख्य नहर से डिस्चार्ज हो रहा है। शनिवार को नहरी कोठी के पास बरौली गांव के पुल में तीन जगह से मुख्य कैनाल फट गई। कटान से नहर का पानी तेजी के साथ गांव के अंदर पहुंच गया, जिससे ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीण मुन्नीलाल, स्वामी प्रसाद, मनोज कुमार, चंगा, मुरारी, साहिब आदि ने बताया कि घरों के अंदर पानी घुसने से गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया है। प्रधान कबीरूद्दीन ने बताया कि नहर का पानी घरों में पहुंचने से महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। प्रशासन को उनकी देखरेख का इंतजाम कराना चाहिए। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य कैनाल फटने से तेज बहाव के साथ पानी खेतों में पहुंचा, जिससे सैकड़ों बीघा धान की बेड़ बह गई। कहा कि अब नए सिरे से बेड़ लगानी होगी। समय ज्यादा होने से किसानों को नुकसान होगा। ग्रामीणों ने कहा कि प्रतिवर्ष मुख्य नहर की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन संचालन होते ही मुख्य नहर के बैंक फट जाते है और उसका खामियाजा किसानों को भोगना पड़ता है।
विज्ञापन
वर्जन
-बरकोला एस्केप में कार्य चल रहा है, हम वहीं पर मौजूद हैं। नहर में कटान की जानकारी हुई है, कर्मचारियों को भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा।
-राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, प्रखंड तृतीय
जीरो प्वाइंट से कटी माइनर पटरी
अतर्रा। रहुसत माइनर की पटरी जीरो प्वाइंट में कट जाने से खेतों में नहर का पानी भर गया। ग्रामीण पप्पू यादव, रामकुमार, चुन्नू प्रजापति, सल्ला रैकवार, लक्का आदि ने बताया कि माइनर कई गांवों को जोड़ता है, लेकिन आजतक इसका डामरीकरण नहीं कराया गया। कहा कि जल्द ही माइनर के कटान की मरम्मत नहीं हुई तो किसानों के खेतों में पानी भर जाएगा और फसल बर्बाद हो जाएंगी। वहीं, इस संबंध में केन कैनाल के अवर अभियंता मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि समय के साथ सब सही हो जाएगा।
विज्ञापन
बारिश से बदहाल हुई कच्ची सड़क, आवागमन ठप
अतर्रा। पुनाहुर गांव के अंश गौतम पुरवा में बारिश से ग्रामीण बेहाल है। गांव पहुंचने वाले दोनों रास्ते कच्चे होने से बरसात से घुटनों तक कीचड़ हो गया है, जिससे ग्रामीण का आवागमन ठप है। ग्रामीण लवलेश गौतम, अंशुल, भैरमदीन, रजनीश, रामअवतार वर्मा, लक्खू सिंह ने बताया कि करीब दो किमी लंबे रास्ते से वाहन और एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रहे। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग और बीमार लोगों को इससे भारी कठिनाई होती है। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रियंका भी सड़क बनवाने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुकी हैं। (संवाद)