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क्षमा मांगने से हृदय में आती है निर्मलता
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Tue, 29 Sep 2015 12:03 AM IST
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जैन समुदाय ने पर्यूषण पर्व के बाद क्षमावाणी पर्व
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मनाया। गोष्ठी में कहा कि क्षमा मांगने से हृदय में निर्मलता आ जाती है।
शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।
छोटी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पंडित आशीष जैन ने कहा कि क्षमा में दिखावा नहीं, अंत:करण की अभिव्यक्ति होनी चाहिए। रजनीश जैन ने कहा कि क्षमा मांगने से हृदय में निर्मलता आ जाती है।
मीडिया प्रभारी दिलीप जैन, राकेश जैन, भावना जैन, रजनीश समैया आदि ने संबोधित किया। किरन जैन, महेंद्र कुमार, प्रकाशचंद्र जैन, विनय कुमार जैन, संजय जैन, राकेश जैन, अंशुल जैन, रमेश जैन आदि मौजूद रहे।
उधर, मुनि सुब्रतनाथ दिबंगर जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी के तत्वाधान में आचार्य पुष्पदंत महराज सभागार में आयोजित गोष्ठी में सीडीओ राममणि त्रिपाठी ने पर्यूषण पर्व का महत्व बताया।
चंद्रप्रकाश जैन, सोनम जैन, स्वाति जैन, अशोक त्रिपाठी जीतू, सुशील जैन, श्रेयांश जैन, शालिनी जैन, नरेंद्र जैन, पारस जैन, सुरेशचंद्र जैन आदि ने आदि ने संबोधित किया।
छोटी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पंडित आशीष जैन ने कहा कि क्षमा में दिखावा नहीं, अंत:करण की अभिव्यक्ति होनी चाहिए। रजनीश जैन ने कहा कि क्षमा मांगने से हृदय में निर्मलता आ जाती है।
मीडिया प्रभारी दिलीप जैन, राकेश जैन, भावना जैन, रजनीश समैया आदि ने संबोधित किया। किरन जैन, महेंद्र कुमार, प्रकाशचंद्र जैन, विनय कुमार जैन, संजय जैन, राकेश जैन, अंशुल जैन, रमेश जैन आदि मौजूद रहे।
उधर, मुनि सुब्रतनाथ दिबंगर जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी के तत्वाधान में आचार्य पुष्पदंत महराज सभागार में आयोजित गोष्ठी में सीडीओ राममणि त्रिपाठी ने पर्यूषण पर्व का महत्व बताया।
चंद्रप्रकाश जैन, सोनम जैन, स्वाति जैन, अशोक त्रिपाठी जीतू, सुशील जैन, श्रेयांश जैन, शालिनी जैन, नरेंद्र जैन, पारस जैन, सुरेशचंद्र जैन आदि ने आदि ने संबोधित किया।