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Banda News: हादसे में जान गंवाने वाले चारों अपने घरों के मुखिया थे

Wed, 24 May 2023 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 24 May 2023 12:59 AM IST
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The four who lost their lives in the accident were heads of their homes.
तिंदवारी। सड़क हादसे में जान गवाने वाले सभी मृतक अपने परिवार के मुखिया थे। इन सभी पर अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी भी थीं। देवराज द्विवेदी की दो बेटियां रीता और अंशिका शादी लायक थीं। वह 22 वर्षीय बेटी रीता और 21 वर्षीय बेटी आंशिका के लिए रिश्ते की तलाश कर रहे थे। चार बेटियों में मात्र बड़ी बेटी गुड़िया की शादी वर्ष 2021 में की थी, उन्होंने इसी समय आर्यवर्त बैंक तिंदवारी की शाखा से चार लाख रुपये का कर्ज भी लिया था।
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पूरी तरह से कृषि पर आश्रित रहे राजीव तिवारी ने भी आर्यावर्त बैंक तिंदवारी से करीब पांच लाख रुपये कर्ज लिया था। वह 20 बीघे जमीन में कृषि कार्य करते थे। उन्होंने भी तीन वर्ष में दो बेटियों नीशू और शालू की शादी की थी। 21 वर्षीय बेटी खुशी की शादी के लिए राजीव तिवारी भी रिश्ता खोज रहे थे। इसी प्रकार से कैलाश तिवारी के चार बीघे जमीन थी, कुछ जमीन बलकट व बटाई में लेकर कृषि कर परिवार का भरण पोषण करते थे। 5 वर्ष पहले बेटी मंजू उर्फ मंझा की शादी की थी, कैलाश भी बेटी खुशबू के लिए रिश्ता खोज रहे थे। लक्ष्मी द्विवेदी भी पूरी तरह से किसानी पर ही आश्रित थे। बेटे अशोक और हरिशंकर गुजरात की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। उन्होंने भी बेटी रेखा के शादी पर बैंक से कर्ज ले रखा था।
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तिंदवारी। घटना को लेकर शादी वाले घर में बधाई पूजन की रस्म नहीं हुई। अंकित की बारात वापस सोमवार को लौटी, बिना किसी गीत और शहनाई के बहू को अंदर ले जाया गया। शादी की रस्मों के मुताबिक अगले दिन मंगलवार को बधाई पूजन की रस्म होनी थी लेकिन उसी दिन तीन शवों के अंतिम संस्कार और दुख के ऐसे माहौल में बधाई पूजन नहीं किया गया। दूल्हे अंकित ने बताया कि हमारे परिवार से बढ़ कर चाहने वाले जब इस दर्दनाक हादसे में चले गए तो अब शादी की रस्में में क्या रखा है, कहते कहते अंकित रो पड़ा।
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तिंदवारी। मृतकों के परिवार में सोमवार और मंगलवार दो दिन चूल्हे नहीं जले। मंगलवार को अंतिम संस्कार के बाद पड़ोसियों ने मृतकों के घर खाना लेकर गए। बच्चों ने खाना खाया लेकिन अन्य सदस्य रो-रोकर कोई एक तो कोई आधी पूड़ी खा कर पानी पिया।
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