बांदा। जिला अधिवक्ता संघ में कक्ष आवंटन व मारपीट का मामला सुलझता नहीं दिख रहा है। पूर्व बार संघ अध्यक्ष अशोक दीक्षित ने जांच के लिए गठित अधिवक्ताओं की कमेटी को सिरे से खारिज कर दिया है। इल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष को दिए शिकायती पत्र में कहा कि बार संघ अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला खुद धोखाधड़ी व जानलेवा हमले के आरोपी हैं, लिहाजा उन्हें बैठक बुलाने और कमेटी गठित करने का कोई अधिकार नहीं है।
जांच कमेटी में उमाशंकर शर्मा, शिवनायक सिंह, राजाभइया मिश्रा कमल सिंह, रणवीर सिंह चौहान जैसे काबिल पूर्व अध्यक्षों को नहीं रखा गया है। साजिशकर्ता जागेश्वर यादव को कमेटी से हटाया जाना चाहिए। जांच के बिंदु भी अध्यक्ष ने अपने फेवर में रखे है। ऐसी कमेटी को वह कतई नहीं मानते है। मामला बार काउंसिल व न्यायालय तक पहुंच गया है तो वहीं से निपटना भी चाहिए। कक्ष आवंटन के एग्रीमेंट निरस्त करने का अधिकार अदालत को छोड़कर किसी को नहीं है। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष द्वारिकेश मंडेला का कहना है कि कमेटी का गठन इल्डर्स कमेटी द्वारा किया गया है। जो पूर्व अध्यक्ष छूट गए हैं, वह शामिल कर लें। उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। किसी पर भी आरोप लगाना सरल है। इसे प्रमाणित करना कठिन है। इल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष अशोक अवस्थी का कहना है कि अशोक दीक्षित का पत्र प्राप्त हुआ है। लिहाजा सचिव को आदेश दिए गए हैं कि जो पूर्व अध्यक्ष छूट गए हैं, उन्हें कमेटी में शामिल कर लिया जाए। कमेटी का अध्यक्षता इकबाल बहादुर करेंगे।