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बांदा के राम बहादुर की पाकिस्तान के लाहौर जेल से 12 साल बाद हुई रिहाई, मां-पिता बेसब्री से कर रहे बेटे का इंतजार

Tue, 31 Aug 2021 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Tue, 31 Aug 2021 11:36 PM IST
सार

सोमवार को पाकिस्तान ने उसे रिहा कर दिया। अटारी के रास्ते वह अपने वतन पहुंचा। हालांकि, अभी उसे अमृतसर (पंजाब) स्थित अस्पताल में भर्ती रखा गया है। दो दिन वहीं रहेगा।

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The family had accepted Ram Bahadur as dead.
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान की लाहौर जेल में कैद रहे पुत्र की 12 साल बाद रिहा होने की सूचना मिलने पर माता-पिता की आंखें छलक पड़ीं। 25 साल की उम्र में रामबहादुर घर से लापता हो गया था। अब पुत्र को गले लगाने के लिए उसके माता-पिता उसकी राह ताक रहे हैं।
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मंगलवार को राजस्व कर्मियों ने घर पहुंचकर युवक का सत्यापन किया और पंजाब प्रशासन को पाक जेल से छूटे राम बहादुर का पूरा ब्योरा भेजा। वीडियो कॉलिंग के जरिए माता-पिता से रामबहादुर की शिनाख्त और बात भी कराई गई।
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हालांकि, लंबे अरसे से लापता रामबहादुर को परिजनों ने मरा मान लिया था। अतर्रा तहसील/थाना क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी रामबहादुर पाकिस्तान की लाहौर जेल में लगभग 12 साल से कैद था। इसी वर्ष जनवरी में पाकिस्तान से पत्र आने पर परिजनों को पड़ोसी देश में कैद की जानकारी हुई थी।
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सोमवार को पाकिस्तान ने उसे रिहा कर दिया। अटारी के रास्ते वह अपने वतन पहुंचा। हालांकि, अभी उसे अमृतसर (पंजाब) स्थित अस्पताल में भर्ती रखा गया है। दो दिन वहीं रहेगा। शासन के निर्देश पर बांदा प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने रामबहादुर का सत्यापन कर रिपोर्ट पंजाब प्रशासन को भेज दी है।

मंगलवार को लेखपाल खुशबू गुप्ता रामबहादुर के घर पहुंची और वीडियो कॉलिंग से रामबहादुर की पहचान कराई। अमृतसर प्रशासन और सेना के अधिकारी रामबहादुर के पिता गिल्ला प्रजापति और मां कुसुमा से जानकारी ली।

पिता गिल्ला प्रजापति ने बताया कि रामबहादुर मानसिक रूप से कमजोर था। 15 साल पहले वह लापता हो गया था। काफी खोजबीन की, लेकिन नहीं मिल सका। उसे किसी हादसे में मरा मान चुके थे। इसका अंदाजा नहीं था कि वह भटककर पाकिस्तान पहुंच गया और वहां जेल में कैद है। छोटे भाई मैकू ने बताया कि दो भाई में रामबहादुर सबसे बड़ा था। प्रधानपति संतोष कुमार ने बताया कि रामबहादुर की पूरी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है।
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