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Banda News: फांसी की सजा सुनते ही कांप उठा किन्नर

Thu, 01 Aug 2024 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Aug 2024 12:13 AM IST
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The eunuch trembled upon hearing the death sentence
बांदा। पत्नी की गला काटकर हत्या करने के जघन्य अपराध की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल होने के बाद तीन वर्ष नौ महीने गुजर गए। इस दौरान पांच जिला जजों की बदली हुई। 60 से अधिक तारीखें पड़ीं। इन तारीखों में फांसी की सजा से दंडित किन्नर यादव पेशी पर न्यायालय लाया जाता रहा। बुधवार को जब दोषी को फांसी की सजा जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने सुनाई तो उसके हाथ-पैर कांपने लगे और गुमसुम हो गया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया।
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मरका थाना क्षेत्र के सिरियाताला निवासी मृतका विमला के पिता रामशरण यादव ने बबेरू कोतवाली में 9 अक्टूबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने पुत्री विमला की शादी वर्ष 2004 में बिसंडा थाना क्षेत्र के अमलोहरा गांव निवासी किन्नर यादव के साथ की थी। जिस समय विमला की हत्या की गई, उस समय उसकी उम्र 36 वर्ष थी। किन्नर यादव गांव छोड़कर बच्चों और पत्नी के साथ बबेरू कस्बे के नेता नगर मोहल्ले में मकान बनाकर रहता था। 9 अक्टूबर 2020 को विमला की उसके पति किन्नर यादव ने पड़ोसी से अवैध संबंध होने के शक के चलते फरसा से गर्दन पर कई वार करके सिर धड़ से अलग कर दिया था। इसके बाद वह चौराहों से गुजरते हुए एक हाथ में पत्नी का कटा हुआ सिर और दूसरे हाथ में आला कत्ल फरसा लेकर कोतवाली पहुंचा था।
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तत्कालीन विवेचक जयश्याम शुक्ला ने पूरे मामले की चार्जशीट बनाकर अदालत में पेश की थी। चार्जशीट पहुंचने के बाद अदालती कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान पांच जिला जज बदल गए और 60 से अधिक तारीखें पड़ीं। इन सभी तारीखों में किन्नर यादव को अदालत में पेशी पर लाया जाता रहा। मालुम हो कि अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए थे। तीन वर्ष और नौ महीने तक अदालती सुनवाई का सिलसिला चला और आखिरकार बुधवार को जघन्य हत्या के दोषी किन्नर यादव को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मौत की सजा मुकर्रर की।
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साहब, मैंने पत्नी को मार डाला, ये उसका सिर
पत्नी की निर्मम हत्या करने के बाद अक्टूबर 2020 में जब किन्नर यादव अपनी पत्नी का कटा हुआ सिर और फरसा लेकर पहुंचा था तो कोतवाली में मौजूद पुलिस कर्मी हड़बड़ा गए थे और कमरे की ओर भागे थे। उन्हें शक हुआ था कि कोई विक्षिप्त युवक है, कहीं हमला न कर दे। बाद में किन्नर यादव ने सरेंडर करते हुए यह कहा था कि साहब, मैंने अपनी पत्नी को मार डाला, ये उसका सिर है, धड़ घर में पड़ा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने सिर को कब्जे में लेने के साथ ही फरसा कब्जे में ले लिया था और किन्नर को तत्काल हिरासत में ले लिया था।
पड़ोसी से अवैध संबंधों का था शक
किन्नर यादव को शक था कि पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति से उसकी पत्नी के अवैध संबंध थे। घटना अंजाम देने के पूर्व उसने सुबह पड़ोसी को अपने घर बुलाया था। वह अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी की एक साथ हत्या करना चाहता था। इसके लिए उसने घर आए पड़ोसी पर खुरपे से वार भी किया था, लेकिन वह किसी तरह से जान बचाकर भाग निकला था, इसलिए उसकी जान बच गई। अगर वह वहां रुकता तो उसकी भी हत्या कर दी जाती।

पड़ोस में बहन के घर भागी थी विमला, बच न सकी
किन्नर यादव को जैसे खून सवार था। पति ने जब विमला की हत्या करने का प्रयास किया तो वह पड़ोस में रहने वाली अपनी बहन ननकीवा पत्नी फूलचंद्र के घर में जान बचाने के लिए घुस गई थी। पीछे से किन्नर भी वहां पहुंच गया और वहीं कमरे में विमला की गर्दन पर फरसे से कई वार किए थे। वह कमरे में ही बेहोश होकर गिर गई थी। किन्नर पत्नी विमला को घसीटकर दरवाजे लाया और फरसे से कई वार करते हुए सिर को धड़ से अलग कर दिया।

10 गवाहों ने किन्नर को हत्या का दोषी बताया
विवेचक जयश्याम शुक्ला ने मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से वादी की बहन ननकीवा व वादी रामशरण, ननकीवा की पुत्री अंतिमा व स्वतंत्र साक्षी संपत, कांस्टेबल कंचन सिंह यादव, पंचायतनामा के गवाह एसआई भूपेंद्र सिंह, एसआई विकास दीप, एसओ जयश्याम शुक्ला, एसआई शिवपाल, घायल कथित प्रेमी के मेडिकल का गवाह पेश किया गया। कुल 10 गवाहों ने किन्नर को हत्या दोषी बताया। जबकि दोषी किन्नर यादव ने अपनी सफाई में स्वयं का बयान व अपनी बहन माया, अपने पुत्र संदीप कुमार को पेश किया।


मां दुनिया से जुदा, पिता को फांसी की सजा, बच्चे बेसहारा
हत्या के बाद ही नानी बच्चों को ले गई थी, किन्नर के घर में ताला बंद
बांदा। फांसी की सजा से दंडित किए गए किन्नर यादव के दो बच्चे हैं। घटना के बाद से ही उसे नानी अपने घर ले गई थी। बबेरू कस्बे के नेतर नगर स्थित किन्नर यादव के मकान में घटना के बाद से ताला लगा हुआ है। तीन वर्ष नौ माह से घर का किसी ने ताला नहीं खोला है। पड़ोस में बैठी महिलाओं ने बताया कि हत्या की घटना के बाद से ताला बंद है। महिलाओं के मुताबिक किन्नर यादव के दो बच्चे हैं, उनमें से एक का नाम संदीप है, उसकी उम्र 13 वर्ष और दूसरे बच्चे कुलदीप की उम्र 9 वर्ष बताई गई है। मां दुनिया से जुदा हो गई और पिता को फांसी की सजा हो जाने की वजह से बच्चे बेसहारा हो गए हैं। हालांकि नानी उनका पालन पोषण कर रही है, ऐसी जानकारी पड़ोस की महिलाओं के द्वारा दी गई। कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि बच्चे अपनी बुआ के यहां रह रहे हैं।
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