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गोद या पीठ पर मरीजों को लेकर जाते हैं तीमारदार
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The attendants take the patients on their lap or back.
- फोटो : BANDA
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बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को स्ट्रेचर नहीं मिलता। तीमारदारों को उन्हें गोद में या फिर पीठ पर लादकर डॉक्टर तक पहुंचाना पड़ रहा है। यहां यह नजारा आम है।
गुरुवार को ई-रिक्शा से ओपीडी ब्लाक पहुंचे लामा गांव निवासी बुद्धविलास का स्ट्रेचर नहीं मिला। उसके साथ आए परिजनों को मजबूरन उसे पीठ पर लादकर डॉक्टर के कक्ष तक ले जाना पड़ा। यह समस्या यहीं खत्म नहीं हुई,
डाक्टर के इलाज के बाद फिर तीमारदारों को उसी तरह ई-रिक्शा तक मरीज को लाना पड़ा। इस बाबत प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव का कहना है कि ओपीडी मुख्य गेट पर स्ट्रेचर रहता है। हो सकता है कोई मरीज स्ट्रेचर ले गया हो, लेकिन तीमारदारों को स्टाफ से मांग करनी चाहिए थी।
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गुरुवार को ई-रिक्शा से ओपीडी ब्लाक पहुंचे लामा गांव निवासी बुद्धविलास का स्ट्रेचर नहीं मिला। उसके साथ आए परिजनों को मजबूरन उसे पीठ पर लादकर डॉक्टर के कक्ष तक ले जाना पड़ा। यह समस्या यहीं खत्म नहीं हुई,
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डाक्टर के इलाज के बाद फिर तीमारदारों को उसी तरह ई-रिक्शा तक मरीज को लाना पड़ा। इस बाबत प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव का कहना है कि ओपीडी मुख्य गेट पर स्ट्रेचर रहता है। हो सकता है कोई मरीज स्ट्रेचर ले गया हो, लेकिन तीमारदारों को स्टाफ से मांग करनी चाहिए थी।
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