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डाक्टरों के तबादलों से बदहाल हुईं व्यवस्थाएं
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नरैनी। सीएचसी में बार-बार हो रहे स्थानांतरण से व्यवस्थाएं बदहाल होती जा रही हैं। बहेरी पीएचसी के डा. अजय प्रताप विश्वकर्मा को नरैनी सीएचसी का चिकित्साधिकारी बनाया गया है।
25 जनवरी को सीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. बीएस राजपूत का जिला जेल अस्पताल तबादला कर दिया गया। डा. देव को सीएचसी नरैनी का चिकित्साधिकारी बनाया गया था। 12 फरवरी को डा. राजपूत को जेल से हटाकर अतर्रा सीएचसी का चिकित्साधिकारी बना दिया गया।
15 जून को डा. राजपूत को एक बार फिर नरैनी सीएचसी का प्रभारी बनाया गया। दो जुलाई को सीएमओ ने डा. राजपूत के वित्तीय अधिकार समाप्त कर डा. देव तिवारी को नरैनी का चिकित्साधिकारी बनाया था, लेकिन 15 जुलाई को शासन के आदेश पर डा. राजपूत का स्थानांतरण झांसी कर दिया गया।
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19 अगस्त को एक बार फिर सीएमओ ने डा. देव तिवारी को बहेरी और बहेरी के डा. अजय प्रताप सिंह को नरैनी का चिकित्साधिकारी बनाने का आदेश जारी किया है। शासन से अनियमितताओं की जांच के आदेश देने के बाद बार-बार तबादले किए जा रहे हैं। इस मामले में सीएमओ व कई चिकित्साधिकारी जांच के दायरे में है।
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25 जनवरी को सीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. बीएस राजपूत का जिला जेल अस्पताल तबादला कर दिया गया। डा. देव को सीएचसी नरैनी का चिकित्साधिकारी बनाया गया था। 12 फरवरी को डा. राजपूत को जेल से हटाकर अतर्रा सीएचसी का चिकित्साधिकारी बना दिया गया।
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15 जून को डा. राजपूत को एक बार फिर नरैनी सीएचसी का प्रभारी बनाया गया। दो जुलाई को सीएमओ ने डा. राजपूत के वित्तीय अधिकार समाप्त कर डा. देव तिवारी को नरैनी का चिकित्साधिकारी बनाया था, लेकिन 15 जुलाई को शासन के आदेश पर डा. राजपूत का स्थानांतरण झांसी कर दिया गया।
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19 अगस्त को एक बार फिर सीएमओ ने डा. देव तिवारी को बहेरी और बहेरी के डा. अजय प्रताप सिंह को नरैनी का चिकित्साधिकारी बनाने का आदेश जारी किया है। शासन से अनियमितताओं की जांच के आदेश देने के बाद बार-बार तबादले किए जा रहे हैं। इस मामले में सीएमओ व कई चिकित्साधिकारी जांच के दायरे में है।