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परीक्षित श्राप प्रसंग सुनाया
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:13 AM IST
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बबेरू में शोभा यात्रा निकालते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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बबेरू। आजाद नगर में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास राजेश शुक्ल ने परीक्षित श्राप प्रसंग सुनाया। बताया कि ऋषि पुत्र के श्राप से डरकर राजा परीक्षित ने इससे मुक्ति का उपाय खोजना शुरू किया। अपने पुत्र जनमेजय को राजपाट सौंप कर गंगा किनारे तपस्या को चले गए।
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वहां व्यास नंदन सुकदेव महराज से उनकी भेंट हुई। राजा परीक्षित ने सुकदेव मुनि से मुक्ति का उपाय पूछा। मुनि ने उन्हें श्रीमद् भागवत कथा सुनने की सलाह दी। यह कथा सुनने के बाद राजा परीक्षित मृत्यु के भय से मुक्त हो गए। अभिषेक शुक्ल, भोला द्विवेदी, अनुज त्रिपाठी ने संगीतमयी कथा में संगत की। इसके पूर्व कस्बे में शोभा यात्रा निकाली गई।
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