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बच्चों को दूध बना शिक्षकों के गले की फांस
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:39 PM IST
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बांदा। परिषदीय स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों को
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स्कूल के बच्चोें को दूध बांटना मंजूर नहीं। इसे गले की फांस बताते हुए
शिक्षकों ने तत्काल योजना बंद कराने की मांग की है।
साथ ही कई अन्य मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ तीन फरवरी को पूरे प्रदेश मेें धरना और प्रदर्शन करेगा।
शुक्रवार को संघ की जिला यूनिट की बैठक जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। संघ नेताओं ने कहा कि स्कूल की रंगाई पुताई के लिए सिर्फ 5000 रुपये दिए जा रहे हैं।
महंगाई के दौर में यह नाकाफी हैं। अंतर जनपदीय तबादले भी नहीं किए जा रहे। इस पर वादाखिलाफी हो रही है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाके में बच्चों को दूध वितरण गले की फांस बन गया है। इसे तत्काल बंद कराया जाए।
शिक्षकों को बंधुवा मजदूर न बनाकर उन्हें शिक्षक ही रहने दिया जाए। बैठक में तीन फरवरी के धरना-प्रदर्शन पर रणनीति बनाई गई। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में सुबह 10:30 से 2 बजे तक धरना होगा।
दोपहर 2 बजे डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में श्याम नारायण शुक्ल, भुवनेंद्र यादव, सुशील, जय गोपाल, केपी सिंह, प्रजीत सिंह, मइयादीन यादव आदि शामिल रहे।
साथ ही कई अन्य मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ तीन फरवरी को पूरे प्रदेश मेें धरना और प्रदर्शन करेगा।
शुक्रवार को संघ की जिला यूनिट की बैठक जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। संघ नेताओं ने कहा कि स्कूल की रंगाई पुताई के लिए सिर्फ 5000 रुपये दिए जा रहे हैं।
महंगाई के दौर में यह नाकाफी हैं। अंतर जनपदीय तबादले भी नहीं किए जा रहे। इस पर वादाखिलाफी हो रही है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाके में बच्चों को दूध वितरण गले की फांस बन गया है। इसे तत्काल बंद कराया जाए।
शिक्षकों को बंधुवा मजदूर न बनाकर उन्हें शिक्षक ही रहने दिया जाए। बैठक में तीन फरवरी के धरना-प्रदर्शन पर रणनीति बनाई गई। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में सुबह 10:30 से 2 बजे तक धरना होगा।
दोपहर 2 बजे डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में श्याम नारायण शुक्ल, भुवनेंद्र यादव, सुशील, जय गोपाल, केपी सिंह, प्रजीत सिंह, मइयादीन यादव आदि शामिल रहे।