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शिक्षकों ने धरना दिया
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बांदा। पं. जेएन कालेज के डिग्री शिक्षकों ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कुलपति को सौंपा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन बहाल करने और यूजीसी विनिमय-2018 के अनुसार महाविद्यालय के शिक्षकों को प्रोफेसर पदनाम, प्रोफेसर ग्रेड व सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष किए जाने की मांग की गई है।
प्रदेशीय संगठन एफयूपीयूसीटीए के निर्देश पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. रोहित सिंह की अगुवाई में मांगों को पूरा कराने की मांग को लेकर शिक्षकों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। महाविद्यालय परिसर में बुंदेलखंड विश्व विद्यालय कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में मांग की है कि यूजीसी नियमन-2018 के बिंदु 19.1 को तत्काल लागू करें, पीएचडी उपाधि प्राप्त शिक्षकों को पांच इंक्रीमेंट दिया जाए। शिक्षकों को ट्रांसफर की सुविधा पूरी सेवा अवधि में दो बार दी जाए। राजकीय डिग्री कालेज की भांति एनओसी सिस्टम को समाप्त कर ऑनलाइन किया जाए। राजकीय डिग्री कालेज के शिक्षकों की तरह ऐडेड डिग्री कालेज के शिक्षकों को भी कैशलेश चिकित्सा की सुविधा दी जाए।
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इस दौरान डॉ. अश्विनी शुक्ल, डॉ. ओंकार चौरसिया, डॉ. अतुल शुक्ल, ऊषा रानी, डॉ. संतोष भदौरिया, डॉ. अर्चना खरे, डॉ. ज्ञानेंद्र पाठक, मुकेश भरतिया, डॉ. रमेश शुक्ल, डॉ. अशोक सिंह परिहार, डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. सर्वेश निगम, डॉ. सतीश शिवहरे, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. जितेंद्र बाजपेयी, डॉ. हरिओम बादल, सुभाष वर्मा, सूर्यकांत मिश्र, डॉ. प्रतुष मिश्र, डॉ. रामभद्र त्रिपाठी व आशुतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।
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प्रदेशीय संगठन एफयूपीयूसीटीए के निर्देश पर शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. रोहित सिंह की अगुवाई में मांगों को पूरा कराने की मांग को लेकर शिक्षकों ने प्रदर्शन कर धरना दिया। महाविद्यालय परिसर में बुंदेलखंड विश्व विद्यालय कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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ज्ञापन में मांग की है कि यूजीसी नियमन-2018 के बिंदु 19.1 को तत्काल लागू करें, पीएचडी उपाधि प्राप्त शिक्षकों को पांच इंक्रीमेंट दिया जाए। शिक्षकों को ट्रांसफर की सुविधा पूरी सेवा अवधि में दो बार दी जाए। राजकीय डिग्री कालेज की भांति एनओसी सिस्टम को समाप्त कर ऑनलाइन किया जाए। राजकीय डिग्री कालेज के शिक्षकों की तरह ऐडेड डिग्री कालेज के शिक्षकों को भी कैशलेश चिकित्सा की सुविधा दी जाए।
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इस दौरान डॉ. अश्विनी शुक्ल, डॉ. ओंकार चौरसिया, डॉ. अतुल शुक्ल, ऊषा रानी, डॉ. संतोष भदौरिया, डॉ. अर्चना खरे, डॉ. ज्ञानेंद्र पाठक, मुकेश भरतिया, डॉ. रमेश शुक्ल, डॉ. अशोक सिंह परिहार, डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. सर्वेश निगम, डॉ. सतीश शिवहरे, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. जितेंद्र बाजपेयी, डॉ. हरिओम बादल, सुभाष वर्मा, सूर्यकांत मिश्र, डॉ. प्रतुष मिश्र, डॉ. रामभद्र त्रिपाठी व आशुतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।