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छात्रसंघ चुनाव के नहीं आसार
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:46 PM IST
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बांदा। फिलहाल बुंदेलखंड में छात्रसंघ चुनाव होने के
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आसार नहीं हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध महाविद्यालयों
को हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी है।
उधर, छात्र नेता छात्र संघ चुनाव की लगातार वकालत कर रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक को छात्रों के हितों की अनदेखी बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कई साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे। कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने भी रोक लगा रखी है।
ताजा आदेश में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों को भेजे पत्र में कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल की गई याचिका (संख्या 10342/2014) में पारित आदेश दिनांक 15 अक्तूबर 2014 के अनुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पर स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त है।
विश्वविद्यालय कुल सचिव पारसनाथ यादव द्वारा जारी इस पत्र में महाविद्यालयों से कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
महाविद्यालयों के विकास में छात्र संघों द्वारा जो सार्थक पहल की जाती है, वह महाविद्यालय के शैक्षणिक तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण में अहम भूमिका अदा करती है।
छात्रसंघों का महाविद्यालय के प्रति योगदान भी सराहनीय रहता है। पर उच्च न्यायालय का आदेश सर्वोपरि है। सभी को सम्मान करना ही चाहिए। --डा. नंदलाल शुक्ल, प्राचार्य, पंडित जेएनपीजी डिग्री कालेज, बांदा
महाविद्यालयों के संचालन में छात्रसंघ की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। देश के तमाम राजनेता छात्र संघ की राजनीति से देश और प्रदेश के ऊंचे पदों तक पहुंचे हैं।
इस पर रोक लगाया जाना महाविद्यालयों के लाखों छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय है।-गौरव सिंह चंदेल, निवर्तमान अध्यक्ष, छात्र संघ, जेएन डिग्री कालेज बांदा।
उधर, छात्र नेता छात्र संघ चुनाव की लगातार वकालत कर रहे हैं। छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक को छात्रों के हितों की अनदेखी बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कई साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे। कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने भी रोक लगा रखी है।
ताजा आदेश में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों को भेजे पत्र में कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल की गई याचिका (संख्या 10342/2014) में पारित आदेश दिनांक 15 अक्तूबर 2014 के अनुसार विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पर स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त है।
विश्वविद्यालय कुल सचिव पारसनाथ यादव द्वारा जारी इस पत्र में महाविद्यालयों से कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
महाविद्यालयों के विकास में छात्र संघों द्वारा जो सार्थक पहल की जाती है, वह महाविद्यालय के शैक्षणिक तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण में अहम भूमिका अदा करती है।
छात्रसंघों का महाविद्यालय के प्रति योगदान भी सराहनीय रहता है। पर उच्च न्यायालय का आदेश सर्वोपरि है। सभी को सम्मान करना ही चाहिए। --डा. नंदलाल शुक्ल, प्राचार्य, पंडित जेएनपीजी डिग्री कालेज, बांदा
महाविद्यालयों के संचालन में छात्रसंघ की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। देश के तमाम राजनेता छात्र संघ की राजनीति से देश और प्रदेश के ऊंचे पदों तक पहुंचे हैं।
इस पर रोक लगाया जाना महाविद्यालयों के लाखों छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय है।-गौरव सिंह चंदेल, निवर्तमान अध्यक्ष, छात्र संघ, जेएन डिग्री कालेज बांदा।