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पुरानी पेंशन के लिए शुरू हुई हड़ताल
Thu, 07 Feb 2019 12:00 AM IST
ASIF ASIF
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Thu, 07 Feb 2019 12:00 AM IST
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शिक्षक, कर्मचारियों के धरने को संबोधति करते शिक्षक संघ उपाध्यक्ष शिवशंकर साहू।
- फोटो : अमर उजाला
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पुरानी पेंशन बहाली के लिए बुधवार से राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों की संयुक्त हड़ताल शुरू हो गई। यह 12 फरवरी तक चलेगी। पहले ही दिन स्कूलों और विभिन्न विभागों के कार्यालयों में कामकाज पर असर पड़ा। हालांकि कलक्ट्रेट सहित कई कार्यालयों में कुछ कर्मचारी काम करते रहे। विकास भवन में ज्यादातर विभाग सूने रहे। कर्मचारी और शिक्षकों के संयुक्त पुरानी पेंशन बहाली मंच ने विकास भवन में धरना दिया।
प्रदेश व्यापी हड़ताल में कई विभागों के ताले नहीं खुले। परिषदीय स्कूलों में भी मिलाजुला असर रहा। शिक्षक और कर्मचारी नेता पूरी तरह हड़ताल में शामिल रहे। अन्य कर्मियों और शिक्षकों में मिलाजुला असर रहा। धरने को संबोधित करते हुए मंच अध्यक्ष और शिक्षक नेता आशुतोष त्रिपाठी तथा संयोजक राज्य कर्मचारी नेता राजकुमार श्रीवास्तव ने दावा किया कि सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक पूरी तरह हड़ताल में हैं। कार्यालयों में ताले पड़े हैं। उन्होंने कहा कि हरेक तहसील मुख्यालय में यह धरना हो रहा है। प्रदेश के लाखों अधिकारी व कर्मचारी, शिक्षक एकजुट होकर पुरानी पेंशन मांग रहे हैं। लेकिन सरकार अनसुनी कर रही है।
धरने को मंच महामंत्री ओमप्रकाश दीक्षित, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, कर्मचारी नेता रीता सिंह, लेखपाल संघ अध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव, डिप्लोमा इंजीनियर संघ अध्यक्ष बागीशचंद्र द्विवेदी, स्वास्थ्य विभाग संघ अध्यक्ष महेंद्र द्विवेदी, वाहन चालक संघ अध्यक्ष मंगल सिंह, ग्राम पंचायत संघ अध्यक्ष लक्ष्मी यादव, आईटीआई संघ अध्यक्ष रामबाबू पाल, माध्यमिक शिक्षक संघ से अवधेश कुमार, कोषागार संघ से अखिलेश कुमार, सिंचाई संघ से प्यारेलाल साहू, लैब टेक्नीशियन संघ के धर्मेंद्र लाल आदि ने भी संबोधित किया।
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सुशील मिश्रा, मनोज यादव, आलोक यादव, पूनम यादव, रफीक अहमद, रफी अहमद, मोहम्मद नसीम, सुनीता प्रजापति, पूजा त्रिवेदी, अंजना अवस्थी, शेष नारायण, हर्ष श्रीवास्तव, राघवेंद्र त्रिपाठी, निधि श्रीवास्तव, सुधीर श्रीमाली, अवधेश तिवारी, निरंजन कुमार आदि शामिल रहे। उधर, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव, मंत्री अलखराम अवस्थी ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा है कि लेखपाल भी हड़ताल में शामिल हैं।
शिक्षामित्रों ने मांगी स्कूलों की चाबी
बांदा। आम शिक्षक/शिक्षामित्र एसोसिएशन ने डीएम और बीएसए को पत्र देकर कहा है कि हड़ताल के दौरान विद्यालय का संचालन बरकरार रखने के लिए स्कूलों में शिक्षामित्रों को स्कूल की चाबी सौंप दी जाए। संघ ने कहा कि हड़ताल का नैतिक समर्थन कर रहे हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ भी नहीं चाहते। यह भी कहा कि शिक्षामित्रों को इस दौरान अनुपस्थित न माना जाए। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन अध्यक्ष श्यामकली सहित लक्ष्मीनारायण शुक्ल, उमादेवी, रामनारायण सिंह, योगेश शुक्ला, शशिप्रभा, रामबाबू कोविंद आदि उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी
बांदा। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की चल रही बेमियादी हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। मंडल/जिलाध्यक्ष नीलम वर्मा ने कहा कि मानदेय में अन्य राज्यों से यहां भारी अंतर है। 10 हजार रुपये प्रतिमाह की सहमति दी गई थी। वह भी कोरी साबित हुई। निर्मला निषाद ने कहा कि जब तक सम्मानजनक मानदेय का शासनादेश जारी नहीं होता हड़ताल जारी रहेगी। धरने में रेखा राजपूत, मोनिका सोकर, जावित्री, आराधना, वंदना, विनीता स्वर्णकार, माया, किरन, ऊषा देवी, समता, ममता कन्नौजिया, मीना पाल, पुष्पा, कुसुमा, वंदना, रजनी, वंदना तिवारी आदि उपस्थित रहीं।
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प्रदेश व्यापी हड़ताल में कई विभागों के ताले नहीं खुले। परिषदीय स्कूलों में भी मिलाजुला असर रहा। शिक्षक और कर्मचारी नेता पूरी तरह हड़ताल में शामिल रहे। अन्य कर्मियों और शिक्षकों में मिलाजुला असर रहा। धरने को संबोधित करते हुए मंच अध्यक्ष और शिक्षक नेता आशुतोष त्रिपाठी तथा संयोजक राज्य कर्मचारी नेता राजकुमार श्रीवास्तव ने दावा किया कि सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक पूरी तरह हड़ताल में हैं। कार्यालयों में ताले पड़े हैं। उन्होंने कहा कि हरेक तहसील मुख्यालय में यह धरना हो रहा है। प्रदेश के लाखों अधिकारी व कर्मचारी, शिक्षक एकजुट होकर पुरानी पेंशन मांग रहे हैं। लेकिन सरकार अनसुनी कर रही है।
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धरने को मंच महामंत्री ओमप्रकाश दीक्षित, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, कर्मचारी नेता रीता सिंह, लेखपाल संघ अध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव, डिप्लोमा इंजीनियर संघ अध्यक्ष बागीशचंद्र द्विवेदी, स्वास्थ्य विभाग संघ अध्यक्ष महेंद्र द्विवेदी, वाहन चालक संघ अध्यक्ष मंगल सिंह, ग्राम पंचायत संघ अध्यक्ष लक्ष्मी यादव, आईटीआई संघ अध्यक्ष रामबाबू पाल, माध्यमिक शिक्षक संघ से अवधेश कुमार, कोषागार संघ से अखिलेश कुमार, सिंचाई संघ से प्यारेलाल साहू, लैब टेक्नीशियन संघ के धर्मेंद्र लाल आदि ने भी संबोधित किया।
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सुशील मिश्रा, मनोज यादव, आलोक यादव, पूनम यादव, रफीक अहमद, रफी अहमद, मोहम्मद नसीम, सुनीता प्रजापति, पूजा त्रिवेदी, अंजना अवस्थी, शेष नारायण, हर्ष श्रीवास्तव, राघवेंद्र त्रिपाठी, निधि श्रीवास्तव, सुधीर श्रीमाली, अवधेश तिवारी, निरंजन कुमार आदि शामिल रहे। उधर, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव, मंत्री अलखराम अवस्थी ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा है कि लेखपाल भी हड़ताल में शामिल हैं।
शिक्षामित्रों ने मांगी स्कूलों की चाबी
बांदा। आम शिक्षक/शिक्षामित्र एसोसिएशन ने डीएम और बीएसए को पत्र देकर कहा है कि हड़ताल के दौरान विद्यालय का संचालन बरकरार रखने के लिए स्कूलों में शिक्षामित्रों को स्कूल की चाबी सौंप दी जाए। संघ ने कहा कि हड़ताल का नैतिक समर्थन कर रहे हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ भी नहीं चाहते। यह भी कहा कि शिक्षामित्रों को इस दौरान अनुपस्थित न माना जाए। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन अध्यक्ष श्यामकली सहित लक्ष्मीनारायण शुक्ल, उमादेवी, रामनारायण सिंह, योगेश शुक्ला, शशिप्रभा, रामबाबू कोविंद आदि उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी
बांदा। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की चल रही बेमियादी हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। मंडल/जिलाध्यक्ष नीलम वर्मा ने कहा कि मानदेय में अन्य राज्यों से यहां भारी अंतर है। 10 हजार रुपये प्रतिमाह की सहमति दी गई थी। वह भी कोरी साबित हुई। निर्मला निषाद ने कहा कि जब तक सम्मानजनक मानदेय का शासनादेश जारी नहीं होता हड़ताल जारी रहेगी। धरने में रेखा राजपूत, मोनिका सोकर, जावित्री, आराधना, वंदना, विनीता स्वर्णकार, माया, किरन, ऊषा देवी, समता, ममता कन्नौजिया, मीना पाल, पुष्पा, कुसुमा, वंदना, रजनी, वंदना तिवारी आदि उपस्थित रहीं।