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Banda News: स्टेशन प्रभारी सुशीला बहाल, किदवई नगर डिपो में स्थानांतरण
Mon, 26 Oct 2026 11:05 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:05 PM IST
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बांदा। रोडवेज के बांदा डिपो में 14 हजार लीटर डीजल की अनियमितता के मामले में निलंबित वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान को बहाल कर दिया गया है। शासन ने बहाली के साथ उनका स्थानांतरण कानपुर के किदवई नगर डिपो में कर दिया है।
मामले में इससे पहले स्टेशन प्रभारी आरके वर्मा को भी बहाल किया जा चुका है। हालांकि, डीजल विभाग के तीन लिपिक अनिल साहू, अनिल शुक्ला और सुधीर का निलंबन अभी समाप्त नहीं हुआ है।
जुलाई में सामने आई इस अनियमितता में आठ जुलाई को 14 हजार लीटर डीजल लेकर टैंकर बांदा डिपो पहुंचा था। टैंक में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण टैंकर उसी दिन खाली नहीं हो सका, लेकिन अभिलेखों में डीजल खाली होना दर्ज कर दिया गया। बाद में नौ जुलाई को टैंकर खाली कराया गया।
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प्रारंभिक जांच में मामला डीजल की चोरी के बजाय अभिलेखों और निर्धारित प्रक्रिया में खामी से जुड़ा पाया गया था। डीजल के नियमित अभिलेख अपडेट नहीं होने से वास्तविक आवक, भंडारण और खपत का मिलान भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
प्रकरण में शिथिल पर्यवेक्षण के आरोप में सुशीला सचान और आरके वर्मा को निलंबित किया गया था, जबकि तीन डीजल लिपिकों पर भी कार्रवाई हुई थी। जूनियर फोरमैन सरोज कुमार को आरोप पत्र जारी किया गया था। लेखाकार वीके गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
मामले की जांच अब हमीरपुर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) आरके साहू कर रहे हैं। जांच अंतिम चरण में बताई जा रही है। रोडवेज चित्रकूटधाम मंडल के आरएम रामलवट ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। निलंबित चल रहीं स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान को कानपुर के किदवईनगर डिपो में तैनात किया गया है।
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मामले में इससे पहले स्टेशन प्रभारी आरके वर्मा को भी बहाल किया जा चुका है। हालांकि, डीजल विभाग के तीन लिपिक अनिल साहू, अनिल शुक्ला और सुधीर का निलंबन अभी समाप्त नहीं हुआ है।
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जुलाई में सामने आई इस अनियमितता में आठ जुलाई को 14 हजार लीटर डीजल लेकर टैंकर बांदा डिपो पहुंचा था। टैंक में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण टैंकर उसी दिन खाली नहीं हो सका, लेकिन अभिलेखों में डीजल खाली होना दर्ज कर दिया गया। बाद में नौ जुलाई को टैंकर खाली कराया गया।
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प्रारंभिक जांच में मामला डीजल की चोरी के बजाय अभिलेखों और निर्धारित प्रक्रिया में खामी से जुड़ा पाया गया था। डीजल के नियमित अभिलेख अपडेट नहीं होने से वास्तविक आवक, भंडारण और खपत का मिलान भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
प्रकरण में शिथिल पर्यवेक्षण के आरोप में सुशीला सचान और आरके वर्मा को निलंबित किया गया था, जबकि तीन डीजल लिपिकों पर भी कार्रवाई हुई थी। जूनियर फोरमैन सरोज कुमार को आरोप पत्र जारी किया गया था। लेखाकार वीके गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
मामले की जांच अब हमीरपुर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) आरके साहू कर रहे हैं। जांच अंतिम चरण में बताई जा रही है। रोडवेज चित्रकूटधाम मंडल के आरएम रामलवट ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। निलंबित चल रहीं स्टेशन प्रभारी सुशीला सचान को कानपुर के किदवईनगर डिपो में तैनात किया गया है।