{"_id":"6abab2871ad2a579250152c4","slug":"son-tortured-and-killed-over-three-lakhs-banda-news-c-212-1-sknp1006-152713-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: तीन लाख के लिए बेटे को प्रताड़ित कर मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: तीन लाख के लिए बेटे को प्रताड़ित कर मार डाला
Tue, 29 Sep 2026 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
फोटो-29- मृतक इंजीनियर आशीष शिवहरे। फाइल फोटो
बांदा। अयोध्या की यश पेपर मिल के केमिकल प्लांट में बांदा के ओरन निवासी केमिकल इंजीनियर आशीष शिवहरे (26) की मौत के मामले में माता-पिता ने मैनेजर समेत कंपनी के कर्मचारियों पर हत्या का आरोप लगाया है।
उनका आरोप है कि मैनेजर अभिषेक सिंह ने तीन लाख की उधारी वापस न करनी पड़े इसलिए बेटे की हत्या कर शव पानी के टैंक में फेंक दिया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने मैनेजर समेत सात कंपनी कर्मियों और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही पीडि़त परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आशीष चार साल से कंपनी में केमिकल इंजीनियर थे और अयोध्या के दर्शननगर में रहते थे। मां गंगा ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे आशीष ने फोन कर बताया था कि मैनेजर अभिषेक सिंह एक साल से लिए तीन लाख रुपये वापस नहीं कर रहा। उधारी न चुकानी पड़े इसके लिए उसके लैपटॉप से कंपनी को इस्तीफे का मेल भेज दिया गया। आशीष ने ओवरनाइट ड्यूटी कराने की बात भी कही थी।
विज्ञापन
मां के मुताबिक उन्होंने फोन पर मैनेजर से भी बात की और बेटे को कुछ होने पर जिम्मेदार ठहराया। बातचीत के बाद आशीष और अभिषेक दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। आधी रात के बाद कंपनी के एक कर्मचारी ने फोन कर परिजन को तत्काल अयोध्या बुलाया। वहां पहुंचने पर आशीष का शव पानी के टैंक में मिला।
सात नामजद, तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
पिता आनंद कुमार शिवहरे ने अयोध्या कोतवाली में तहरीर दी। इसमें शनिवार को आशीष की ड्यूटी लगाए जाने को भी साजिश का हिस्सा बताया गया है। तहरीर के आधार पर अभिषेक सिंह, देवेंद्र सिंह, अंकुर तिवारी, सतेंद्र सिंह, संदीप सिंह, अमृत और वेद कृष्ण को नामजद करते हुए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। परिजनों के विरोध के बाद पुलिस ने तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया।
रात दो बजे शव पहुंचा तो मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद रात करीब दो बजे एंबुलेंस से शव ओरन पहुंचा। तीनों बहनें शव से लिपटकर रोने लगीं। सोमवार सुबह ओरन मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई अभिषेक ने मुखाग्नि दी। आशीष तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़े और अविवाहित थे। रक्षाबंधन पर वह घर आए थे और बहन ज्योति से राखी बंधवाकर अयोध्या लौटे थे। सांसद कृष्णा देवी पटेल ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
विज्ञापन
उनका आरोप है कि मैनेजर अभिषेक सिंह ने तीन लाख की उधारी वापस न करनी पड़े इसलिए बेटे की हत्या कर शव पानी के टैंक में फेंक दिया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने मैनेजर समेत सात कंपनी कर्मियों और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही पीडि़त परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
विज्ञापन
आशीष चार साल से कंपनी में केमिकल इंजीनियर थे और अयोध्या के दर्शननगर में रहते थे। मां गंगा ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे आशीष ने फोन कर बताया था कि मैनेजर अभिषेक सिंह एक साल से लिए तीन लाख रुपये वापस नहीं कर रहा। उधारी न चुकानी पड़े इसके लिए उसके लैपटॉप से कंपनी को इस्तीफे का मेल भेज दिया गया। आशीष ने ओवरनाइट ड्यूटी कराने की बात भी कही थी।
विज्ञापन
मां के मुताबिक उन्होंने फोन पर मैनेजर से भी बात की और बेटे को कुछ होने पर जिम्मेदार ठहराया। बातचीत के बाद आशीष और अभिषेक दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए। आधी रात के बाद कंपनी के एक कर्मचारी ने फोन कर परिजन को तत्काल अयोध्या बुलाया। वहां पहुंचने पर आशीष का शव पानी के टैंक में मिला।
सात नामजद, तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
पिता आनंद कुमार शिवहरे ने अयोध्या कोतवाली में तहरीर दी। इसमें शनिवार को आशीष की ड्यूटी लगाए जाने को भी साजिश का हिस्सा बताया गया है। तहरीर के आधार पर अभिषेक सिंह, देवेंद्र सिंह, अंकुर तिवारी, सतेंद्र सिंह, संदीप सिंह, अमृत और वेद कृष्ण को नामजद करते हुए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। परिजनों के विरोध के बाद पुलिस ने तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया।
रात दो बजे शव पहुंचा तो मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद रात करीब दो बजे एंबुलेंस से शव ओरन पहुंचा। तीनों बहनें शव से लिपटकर रोने लगीं। सोमवार सुबह ओरन मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई अभिषेक ने मुखाग्नि दी। आशीष तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़े और अविवाहित थे। रक्षाबंधन पर वह घर आए थे और बहन ज्योति से राखी बंधवाकर अयोध्या लौटे थे। सांसद कृष्णा देवी पटेल ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

फोटो-29- मृतक इंजीनियर आशीष शिवहरे। फाइल फोटो