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श्रेष्ठ संयोग में बहनों ने भाइयों को बांधी राखी
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बांदा/तिंदवारी। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कमजोर पड़ने के बाद सावन मास की पूर्णिमा के दिन रविवार को रक्षाबंधन परंपराओं और उत्साह के साथ मनाया गया। जिन्होंने कोरोना में अपनों को गंवाया उनके घरों से खुशियां काफूर थीं, लेकिन जिन भाई-बहनों ने कोरोना की जंग जीती वहां पर्व की जमकर खुशियां मनाई गई। जानकारों के मुताबिक धनिष्ठ नक्षत्र और शोभन योग के श्रेष्ठ संयोग ने पर्व को और श्रेष्ठ बना दिया। यह दुर्लभ संयोग लगभग 32 साल बाद आया है।
कोरोना की दूसरी लहर में सैकड़ों की संक्रमण से जान चली गई। उनके घरों पर पर्व की खुशी तो नहीं रही, लेकिन जो भाई-बहन कोरोना संक्रमण को मात देकर सेहतमंद हो गए, उनके घरों में जोरदार ढंग से रक्षाबंधन मनाया गया।
इसकी बानगी जसपुरा सीएचसी अंतर्गत कुम्हरिया डेरा है। मई माह में गौरव कोरोना की चपेट में आ गया। उसे आइसोलेट किया गया। फिर उसकी बहन शालिनी भी कोरोना पॉजिटिव हो गई। भाई-बहन के पॉजिटिव होने पर परिजन सशंकित थे, लेकिन धैर्य के साथ मुकाबला कर दोनों भाई-बहन स्वस्थ हो गए।
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कोरोना की जंग जीतने के बाद इस वर्ष का रक्षाबंधन बड़े जोश और उत्साह से मनाया। दोनों ने संकल्प लिया कि लोगों को महामारी से बचाव के लिए प्रेरित करेंगे। उधर, ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस साल भद्रा का असर रक्षाबंधन पर नहीं पड़ा। शुभ संयोग पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। उन्हें मिठाई खिलाई। बालक-बालिकाओं से लेकर किशोर-किशोरियों, युवक-युवतियों और उम्रदराज महिला-पुरुषों में रक्षाबंधन को लेकर काफी उत्साह रहा।
रक्षाबंधन पर तमाम बहनें भाई को राखी बांधने के लिए मायके आ गईं तो कई भाइयों को खुद राखी बंधवाने के लिए बहनों की ससुराल जाना पड़ा। मिठाई दुकानों में भीड़ रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवतियों ने कजलियां जुलूस निकाला और तालाबों व नदियों में विसर्जित किए। मेला सा नजारा रहा।
ग्रामीण इलाकों में भी रही पर्व की धूम
बबेरू, तिंदवारी, अतर्रा, खप्टिहाकलां। ग्रामीण इलाकों में रक्षा बंधन पर्व की धूम रही। महिलाओं और बेटियों ने बुंदेलखंडी गीतों के साथ कजलियां पूजन के बाद विसर्जन किया और रक्षाबंधन पर्व मनाया। मढ़ीदाई में महिलाओं ने गीतों संग कजलियां पूजन के बाद नदी, तालाब और सरोवरों में विसर्जन किया।
तिंदवारी में महिलाओं और बेटियों ने गीतों के साथ कजलियां पूजन के बाद विसर्जन किया। बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर सुख समृद्धि की कामना की। सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक काले शहीद बाबा तालाब, कजरिया तालाब, पिपरगवां के देवी तालाब, भुजौली गांव में मढ़ीदाई तालाब, गोधनी में हनुमान मंदिर तालाब समेत पचनेही, सेमरी, गोखरही, महुई, धौसड़, छापर, जसईपुर आदि गांवों के तालाबों में कजलियां विसर्जित की गईं।
अतर्रा में रक्षाबंधन पर्व पर बहनों सहित महिलाओं ने भाइयों के माथे पर टीका चंदन लगाकर कलाइयों में राखी बांधकर मिठाई खिलाई। थानों में आरक्षी महिलाओं ने इंस्पेक्टर अरविंद सिंह गौर, कस्बा इंचार्ज पवन पांडेय, राजेश मिश्रा सहित पुलिस कर्मियों को राखी बांधी।
खप्टिहा कलां क्षेत्र के अलोना, साड़ी, पपरेंदा, निवाई आदि गांवों में बहनों ने सिर पर कजलियां रखकर तालाब व नदियों में जाकर विसर्जित कीं। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर मुंह मीठा कराया।
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कोरोना की दूसरी लहर में सैकड़ों की संक्रमण से जान चली गई। उनके घरों पर पर्व की खुशी तो नहीं रही, लेकिन जो भाई-बहन कोरोना संक्रमण को मात देकर सेहतमंद हो गए, उनके घरों में जोरदार ढंग से रक्षाबंधन मनाया गया।
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इसकी बानगी जसपुरा सीएचसी अंतर्गत कुम्हरिया डेरा है। मई माह में गौरव कोरोना की चपेट में आ गया। उसे आइसोलेट किया गया। फिर उसकी बहन शालिनी भी कोरोना पॉजिटिव हो गई। भाई-बहन के पॉजिटिव होने पर परिजन सशंकित थे, लेकिन धैर्य के साथ मुकाबला कर दोनों भाई-बहन स्वस्थ हो गए।
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कोरोना की जंग जीतने के बाद इस वर्ष का रक्षाबंधन बड़े जोश और उत्साह से मनाया। दोनों ने संकल्प लिया कि लोगों को महामारी से बचाव के लिए प्रेरित करेंगे। उधर, ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस साल भद्रा का असर रक्षाबंधन पर नहीं पड़ा। शुभ संयोग पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। उन्हें मिठाई खिलाई। बालक-बालिकाओं से लेकर किशोर-किशोरियों, युवक-युवतियों और उम्रदराज महिला-पुरुषों में रक्षाबंधन को लेकर काफी उत्साह रहा।
रक्षाबंधन पर तमाम बहनें भाई को राखी बांधने के लिए मायके आ गईं तो कई भाइयों को खुद राखी बंधवाने के लिए बहनों की ससुराल जाना पड़ा। मिठाई दुकानों में भीड़ रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवतियों ने कजलियां जुलूस निकाला और तालाबों व नदियों में विसर्जित किए। मेला सा नजारा रहा।
ग्रामीण इलाकों में भी रही पर्व की धूम
बबेरू, तिंदवारी, अतर्रा, खप्टिहाकलां। ग्रामीण इलाकों में रक्षा बंधन पर्व की धूम रही। महिलाओं और बेटियों ने बुंदेलखंडी गीतों के साथ कजलियां पूजन के बाद विसर्जन किया और रक्षाबंधन पर्व मनाया। मढ़ीदाई में महिलाओं ने गीतों संग कजलियां पूजन के बाद नदी, तालाब और सरोवरों में विसर्जन किया।
तिंदवारी में महिलाओं और बेटियों ने गीतों के साथ कजलियां पूजन के बाद विसर्जन किया। बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर सुख समृद्धि की कामना की। सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक काले शहीद बाबा तालाब, कजरिया तालाब, पिपरगवां के देवी तालाब, भुजौली गांव में मढ़ीदाई तालाब, गोधनी में हनुमान मंदिर तालाब समेत पचनेही, सेमरी, गोखरही, महुई, धौसड़, छापर, जसईपुर आदि गांवों के तालाबों में कजलियां विसर्जित की गईं।
अतर्रा में रक्षाबंधन पर्व पर बहनों सहित महिलाओं ने भाइयों के माथे पर टीका चंदन लगाकर कलाइयों में राखी बांधकर मिठाई खिलाई। थानों में आरक्षी महिलाओं ने इंस्पेक्टर अरविंद सिंह गौर, कस्बा इंचार्ज पवन पांडेय, राजेश मिश्रा सहित पुलिस कर्मियों को राखी बांधी।
खप्टिहा कलां क्षेत्र के अलोना, साड़ी, पपरेंदा, निवाई आदि गांवों में बहनों ने सिर पर कजलियां रखकर तालाब व नदियों में जाकर विसर्जित कीं। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर मुंह मीठा कराया।