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सिंहपुर के वीडीओ निलंबित तो तेरहीमाफी वीडीओ को दिया गया नोटिस
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25 मार्च को छपी खबर
- फोटो : BANDA
बांदा/तिंदवारी। गोशालाओं में भूख-प्यास से मवेशियों की मौत और गोशालाओं में अव्यवस्थाओं पर सिंहपुर के ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तेरहीमाफी गोशाला से संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को दो दिन के अंदर खुद उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने की नोटिस जारी की गई है। संतोषजनक जवाब न होने पर चालू माह मार्च का वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी जारी हुई है।
तिंदवारी क्षेत्र के तेरहीमाफी गांव में स्थित ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गोशाला में बीते दो दिनों के अंदर तीन मवेशियों की मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम कराए बगैर आनन-फानन रातों रात ट्रैक्टर में भरकर कहीं फिंकवा दिया गया। यहां के ग्रामीणों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी।
कहा था कि दिसंबर में यहां करीब एक सैकड़ा मवेशी बंद थे। अब 60-70 ही बचे हैं। उन्हें नाम मात्र को मोटा भूसा दिया जा रहा है। यह खबर शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ में पशुओं के शवों की फोटो सहित प्रमुखता से प्रकाशित की थी। तिंदवारी खंड विकास अधिकारी ने तेरहीमाफी के ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार
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श्रीवास को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा है कि सहायक ग्राम विकास अधिकारी (पंचायत) द्वारा की गई जांच में गोशाला में 89 गोवंश मिले। एक मरणासन्न स्थिति में था। दो की पूर्व रात्रि को मौत हो गई। 60 झाल मटर का भूसा रखा था लेकिन उसे मवेशियों को नहीं दिया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि मवेशियों की भूख से मौत हो रही है।
उधर, सिंहपुर (बिसंडा ब्लाक) की गोशाला में मवेशियों की मौत मामले में जिला विकास अधिकारी डा.रवि किशोर त्रिवेदी ने ग्राम विकास अधिकारी अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शुक्रवार को जारी आदेश में जिला विकास अधिकारी ने अतर्रा एसडीएम और बीडीओ की जांच का हवाला देकर कहा कि यहां गोशाला में 315 गोवंश मिले। इनमें 32 में टैगिंग नहीं थी। गोवंश बहुत कमजोर थे। 11 बीमार मिले। दो गायें गर्भवती थीं। ग्रामीणों ने बयान दिया कि गोवंशों को भूसा-पानी नहीं मिलता। न उपचार किया जाता है। जांच बबेरू बीडीओ को सौंपी गई है।
रातों रात दूसरे गांवों से लाई गईं गायें
बांदा। सिंहपुर (बिसंडा) की गोशाला में भूख से मर रहीं गायों के मुद्दे पर शुक्रवार को विश्व हिंदू महासंघ (गो रक्षा प्रकोष्ठ) ने कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि यहां चारा भूसा की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बहुत सी गाय भूख-प्यास से मर चुकी हैं। पिछले वर्ष 480 गाय थीं। अब 180 हैं। केवल सरसों की लाही का भूसा दिया जाता है। यह भी कहा कि ग्रामीणों की शिकायत की खबर पाकर ग्राम प्रधान ने 23 मार्च की रात आसपास के गांवों से गाय लाकर गोशाला में रख दीं। जांच को पहुंचे एसडीएम को गाय ज्यादा मिलीं। ग्रामीणों ने एसडीएम से यह पोल भी खोली। जो गायें रातों रात लाई गई थीं उनमें टैगिंग नहीं थी। ज्ञापन देने वालों में महासंघ जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति सहित चंद्रशेषर प्रसाद मिश्रा, देवीदास गिरि महाराज, राजा पाठक, जगतराम, पंकज पांडेय, अजय पांडेय, रामसिया, सूरजभान, संजय कुमार आदि शामिल रहे।
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तिंदवारी क्षेत्र के तेरहीमाफी गांव में स्थित ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गोशाला में बीते दो दिनों के अंदर तीन मवेशियों की मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम कराए बगैर आनन-फानन रातों रात ट्रैक्टर में भरकर कहीं फिंकवा दिया गया। यहां के ग्रामीणों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी।
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कहा था कि दिसंबर में यहां करीब एक सैकड़ा मवेशी बंद थे। अब 60-70 ही बचे हैं। उन्हें नाम मात्र को मोटा भूसा दिया जा रहा है। यह खबर शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ में पशुओं के शवों की फोटो सहित प्रमुखता से प्रकाशित की थी। तिंदवारी खंड विकास अधिकारी ने तेरहीमाफी के ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार
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श्रीवास को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा है कि सहायक ग्राम विकास अधिकारी (पंचायत) द्वारा की गई जांच में गोशाला में 89 गोवंश मिले। एक मरणासन्न स्थिति में था। दो की पूर्व रात्रि को मौत हो गई। 60 झाल मटर का भूसा रखा था लेकिन उसे मवेशियों को नहीं दिया गया। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि मवेशियों की भूख से मौत हो रही है।
उधर, सिंहपुर (बिसंडा ब्लाक) की गोशाला में मवेशियों की मौत मामले में जिला विकास अधिकारी डा.रवि किशोर त्रिवेदी ने ग्राम विकास अधिकारी अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शुक्रवार को जारी आदेश में जिला विकास अधिकारी ने अतर्रा एसडीएम और बीडीओ की जांच का हवाला देकर कहा कि यहां गोशाला में 315 गोवंश मिले। इनमें 32 में टैगिंग नहीं थी। गोवंश बहुत कमजोर थे। 11 बीमार मिले। दो गायें गर्भवती थीं। ग्रामीणों ने बयान दिया कि गोवंशों को भूसा-पानी नहीं मिलता। न उपचार किया जाता है। जांच बबेरू बीडीओ को सौंपी गई है।
रातों रात दूसरे गांवों से लाई गईं गायें
बांदा। सिंहपुर (बिसंडा) की गोशाला में भूख से मर रहीं गायों के मुद्दे पर शुक्रवार को विश्व हिंदू महासंघ (गो रक्षा प्रकोष्ठ) ने कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि यहां चारा भूसा की पर्याप्त व्यवस्था न होने से बहुत सी गाय भूख-प्यास से मर चुकी हैं। पिछले वर्ष 480 गाय थीं। अब 180 हैं। केवल सरसों की लाही का भूसा दिया जाता है। यह भी कहा कि ग्रामीणों की शिकायत की खबर पाकर ग्राम प्रधान ने 23 मार्च की रात आसपास के गांवों से गाय लाकर गोशाला में रख दीं। जांच को पहुंचे एसडीएम को गाय ज्यादा मिलीं। ग्रामीणों ने एसडीएम से यह पोल भी खोली। जो गायें रातों रात लाई गई थीं उनमें टैगिंग नहीं थी। ज्ञापन देने वालों में महासंघ जिलाध्यक्ष महेश प्रजापति सहित चंद्रशेषर प्रसाद मिश्रा, देवीदास गिरि महाराज, राजा पाठक, जगतराम, पंकज पांडेय, अजय पांडेय, रामसिया, सूरजभान, संजय कुमार आदि शामिल रहे।

तेरहीमाफी गोशाला का निरीक्षण करते एडीओ पंचायत विनोद कुमार झा। - फोटो : BANDA