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Banda News: सहकारी समितियों में सुविधाओं का टोटा, किसान होते परेशान

Tue, 25 Aug 2026 12:43 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 12:43 AM IST
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Shortage of facilities in cooperative societies; farmers face difficulties.
फोटो -2- डीएम कार्यालय में पत्र सौंपते क्षेत्रीय समाजसेवी। संवाद
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- शेड न होने से बारिश में भीग जाती हैं खाद की बोरियां
- पेयजल के लिए किसान इधर-उधर भटकने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। ब्लॉक क्षेत्र जसपुरा की सहकारी समितियों पर खाद लेने पहुंचने वाले किसानों को बारिश और धूप में घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसानों की समस्या को देखते हुए समाजसेवी राकेश बाजपेयी ने जिलाधिकारी से रामपुर, चंदवारा, बड़ागांव, सिंधन कलां, गडरिया और जसपुरा स्थित सहकारी समितियों पर शेड, बैठने की समुचित व्यवस्था और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
डीएम को सौंपे पत्र में उन्होंने बताया कि ब्लॉक की सहकारी समितियों से करीब 30 से 35 हजार किसान लाभान्वित होते हैं। जुलाई के अंत से दिसंबर तक खाद की मांग बढ़ने पर प्रत्येक समिति पर प्रतिदिन करीब 400 से 500 किसान पहुंचते हैं। सुविधाओं के अभाव में महिला किसानों, बुजुर्गों समेत अन्य किसानों को कई-कई घंटे खुले आसमान के नीचे अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है।
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शेड की पर्याप्त व्यवस्था न होने से किसानों द्वारा खरीदी गई डीएपी और यूरिया की बोरियां भीगने का खतरा बना रहता है। वहीं, पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों को इधर-उधर से पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। समाजसेवी ने जिलाधिकारी से व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
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