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Banda News: दहेज हत्या में पति और ससुर को सात-सात वर्ष का कारावास
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बांदा। दहेज हत्या के मामले पर दोषी पाए जाने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. बब्बू सारंग की अदालत ने पति और ससुर को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। तीन-तीन हजार रुपए जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार और अपर शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने बताया कि कमासिन थाना क्षेत्र के कोर्रा बुजुर्ग गांव निवासी विजयपाल कुशवाहा ने पुत्री कविता की शादी तीन फरवरी 2019 को सामूहिक विवाह योजना के तहत गिरवां निवासी कैलाश पुत्र रामहित कुशवाहा के साथ की थी। पति कैलाश, ससुर रामहित व देवर रामकेश, ओमप्रकाश और श्रवण दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दो लाख रुपए दहेज के तौर पर और मांग की जा रही थी। 22 जनवरी 2020 को मकर संक्रांति के मौके पर भाई अतिबल कविता को लेने के लिए गया तो दहेज की मांग करते हुए नहीं भेजा था।
इसके बाद पति कैलाश 20 जनवरी 2020 को कविता को अपने साथ दिल्ली ले गया और वहां पर उसके साथ मारपीट की। भोजन तक नहीं दिया गया। जबकि कविता लगातार फोन पर अपने परिजनों से आपबीती बता रही थी। 14 जून 2020 को सूचना मिली कि कविता ने गले में फंदा कसकर खुदकुशी कर ली है। मृतका के पिता विजयपाल ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी की हत्या की गई है और आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाया गया है। विवेचक ने मामले का आरोप पत्र पति कैलाश व ससुर रामहित के विरुद्ध अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलों के आधार पर न्यायाधीश ने दोषी पाते हुए पति कैलाश व ससुर रामहित को सात-सात वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार और अपर शासकीय अधिवक्ता उमाशंकर पाल ने बताया कि कमासिन थाना क्षेत्र के कोर्रा बुजुर्ग गांव निवासी विजयपाल कुशवाहा ने पुत्री कविता की शादी तीन फरवरी 2019 को सामूहिक विवाह योजना के तहत गिरवां निवासी कैलाश पुत्र रामहित कुशवाहा के साथ की थी। पति कैलाश, ससुर रामहित व देवर रामकेश, ओमप्रकाश और श्रवण दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दो लाख रुपए दहेज के तौर पर और मांग की जा रही थी। 22 जनवरी 2020 को मकर संक्रांति के मौके पर भाई अतिबल कविता को लेने के लिए गया तो दहेज की मांग करते हुए नहीं भेजा था।
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इसके बाद पति कैलाश 20 जनवरी 2020 को कविता को अपने साथ दिल्ली ले गया और वहां पर उसके साथ मारपीट की। भोजन तक नहीं दिया गया। जबकि कविता लगातार फोन पर अपने परिजनों से आपबीती बता रही थी। 14 जून 2020 को सूचना मिली कि कविता ने गले में फंदा कसकर खुदकुशी कर ली है। मृतका के पिता विजयपाल ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी की हत्या की गई है और आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे पर लटकाया गया है। विवेचक ने मामले का आरोप पत्र पति कैलाश व ससुर रामहित के विरुद्ध अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलों के आधार पर न्यायाधीश ने दोषी पाते हुए पति कैलाश व ससुर रामहित को सात-सात वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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