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Banda News: किसानों के तेवर देखकर झुके अफसर, कई मांगें मानी गईं

Thu, 17 Apr 2025 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Apr 2025 11:54 PM IST
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Seeing the attitude of the farmers, the officers bowed down, many demands were accepted
पदयात्रा निकालते किसान। - फोटो : किसान
बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित गांवों के ग्रामीणों और किसानों ने परियोजना का काम बंद कराने के बाद न्याय पदयात्रा और घेराव शुरू कर दिया। उनके तेवरों से दबाव में आई मध्य प्रदेश सरकार ने आनन-फानन समाधान समिति गठित कर मंगलवार की देर शाम समिति की किसानों के साथ बैठक कराई। समिति ने कुछ मांगें मानते हुए अन्य मांगों पर शासन से समाधान का भरोसा दिलाया।
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पिछले हफ्ते ग्रामीणों और किसानों ने एमपी के डोढन गांव में लिंक परियोजना के बन रहे बांध स्थल पर धावा बोलकर काम बंद करा दिया था।
मजदूरों और मशीनों को दूर तक खदेड़ दिया था। मंगलवार से किसानों ने किसान न्याय पदयात्रा शुरू कर दी। छतरपुर में कलक्ट्रेट के घेराव का एलान कर दिया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। ये सभी उन गांवों के हैं, जो लिंक परियोजना में शामिल किए गए हैं।
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लिंक परियोजना के भू अर्जन अधिकारी और उप जिलाधिकारी विनय द्विवेदी की अध्यक्षता में सटई (छतरपुर) में हुई समाधान समिति की बैठक में अफसरों के अलावा किसान प्रतिनिधि भी शामिल हुए। किसानों की अगुवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने 13 मांगों पर जोर दिया। इनमें किसानों की ली गई भूमि का मुआवजा, पारदर्शी सर्वे, विस्थापन आदि के मुद्दे मुख्य हैं।
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भटनागर ने बताया कि अफसरों ने कुछ बातें मान ली हैं। अन्य मांगों के बारे में शासन को रिपोर्ट भेजने और जल्द ही समिति की अगली बैठक में विचार करने का भरोसा दिलाया है।
बैठक में किसान और ग्रामीणों की तरफ से आदिवासी बहादुर, दिव्या, पूर्व सरपंच बबलू यादव, राजाराम, महेश, रामकेश आदि शामिल रहे। जय किसान संगठन के सह संयोजक बबलू ने बताया कि अगली बैठक में प्रभावित गांवों के किसानों और ग्रामीणों का पक्ष और मजबूती से रखेंगे। सरकार से न्याय न मिला तो परियोजना का काम नहीं होने दिया जाएगा।

बुंदेलखंड के पर्यावरण कार्यकर्ता आशीष सागर दीक्षित ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के किसानों और इससे प्रभावित हो रहे सैकड़ों परिवारों की तबाही की परियोजना है।
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