आलू सड़ गए, तेल घी के पैकेट फटकर बहे
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बांदा। अंत्योदय कार्ड धारक गरीब तहसील मेें सूखा राहत पैकेट के लिए भटक रहे हैं। दूसरी तरफ बांटे न जाने से पैकेट के लिए आया आलू सड़ रहा है। पैकेटों में रखे तेल के पैकेट उठाई धरी में फट रहे हैं। सदर तहसील में इस अव्यवस्था पर अधिकारी आंख मूंदे हैं। समाजवादी सूखा राहत पैकेट की खेप ट्रकों में सदर तहसील में लगातार आ रही है। इसके साथ 25-25 किलो आलू के पैकेट भी हैं। मंगलवार को बांटे जा रहे आलू में अधिकतर सड़ चुके थे। उनसे दुर्गंध आ रही थी। उधर, पैकेट के अंदर रखे तेल के पैकेट भी क्षतिग्रस्त होकर तेल गिरकर फैल गया। सड़े आलू और फटे पैकेट लेने से अंत्योदय कार्डधारकों ने नाक-भौं सिकोड़ा तो उन्हें कोटेदारों ने डांट-डपट कर शांत करा दिया।
आलू की सड़ांध से पूरा तहसील परिसर गूंजता रहा। राहत पैकेट लेने आई जरैली कोठी की कमतुलिया व रन्नो ने कहा कि ‘का करी बाबू जी, जौन मिलत है वहै लें का पड़त है। कुछ बोलैं पर कोटेदार धमकावत है। आलू सरी हैं। घी, तेल सब एक मा मिल गा है’। उधर, इस बाबत एसडीएम सदर प्रह्लाद सिंह का कहना था कि बारिश और गर्मी से बोरियों में एकाध आलू सड़ गए होंगे। ज्यादातर आलू ठीक हैं। ट्रक से उतारने-चढ़ाने में कोई एक-दो पैकेट फट गए होंगे। ज्यादातर ठीक हैं।