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नदियों संग नाले भी उफनाएं
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खप्टिहा कलां। केन व यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ ही नदी-नाले उफनाने लगे हैं। नदी-नालों का पानी संपर्क मार्गों में भरने से एक गांव का दूसरे गांव से संपर्क टूट गया है।
उधर, तहसील प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों के लोगों को हर समय सतर्क रहने को कहा है। यमुना और केन के उफनाने से सहयोगी नदी के पानी से चंद्रायल, गौरीकला, अमारा, पैलानी डेरा, सिंधनकला, नांदादेव, पडोहरा रपटा पानी में डूब गए है। बाढ़ का पानी बस्ती की ओर रुख करने लगा है।
एसडीएम रामकुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। लेखपालों को हर समय जल स्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए और संबंधित विभागों के फसरों से प्रबंध करने को कहा है। उधर, बाढ़ के पानी से किसानों की सैकड़ों हेक्टेअर खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। नदी किनारे के ख्ेात जलमग्न हो गए है।
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उधर, तहसील प्रशासन ने नदी किनारे के गांवों के लोगों को हर समय सतर्क रहने को कहा है। यमुना और केन के उफनाने से सहयोगी नदी के पानी से चंद्रायल, गौरीकला, अमारा, पैलानी डेरा, सिंधनकला, नांदादेव, पडोहरा रपटा पानी में डूब गए है। बाढ़ का पानी बस्ती की ओर रुख करने लगा है।
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एसडीएम रामकुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। लेखपालों को हर समय जल स्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए और संबंधित विभागों के फसरों से प्रबंध करने को कहा है। उधर, बाढ़ के पानी से किसानों की सैकड़ों हेक्टेअर खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है। नदी किनारे के ख्ेात जलमग्न हो गए है।
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