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बुंदेलखंड की लाल दवा बनेगी ऋषि प्रसाद
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Rishi Prasad will become the red medicine of Bundelkhand
- फोटो : BANDA
बांदा। बुंदेलखंड की लाल दवा ‘कठिया गेहूं’ को एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है। कलक्ट्रेट में आयोजित कार्यशाला में कठिया गेहूं की उत्पादकता और संभावना सहित प्रोसेसिंग पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल कहा कि कठिया गेहूं को एक ब्रांड के रूप में प्रचारित एवं प्रसारित करें। दक्षिण भारत में इसकी मांग अधिक है। कठिया को प्रमोट करने के लिए ‘कठिया पेट की लाल दवा, कठिया ऋषि प्रसाद’ ब्रांड का नाम दिया जाए। कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति से बात करके कठिया की परंपरागत प्रजातियों के बीज संवर्द्धन का कार्य किया जाए।
प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह ने बताया कि कठिया गेहूं की खेती बुंदेलखंड में बहुत पुरानी है। इससे सूजी, दलिया, उपमा आदि बनाया जाता है, जो बेहद पौष्टिक होता है। यह 3500 रुपये क्विंटल तक बिकता है। कृषि उपनिदेशक विजय कुमार ने कहा कि कठिया गेहूं के उत्पादन पर जल्द ही एक वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दलिया बनाने के लिए नरैनी में दो प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई है।
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डीपीएम शालिनी सिंह ने कहा कि एनआरएलएम समूह की महिलाएं नरैनी में कठिया गेहूं से दलिया बनाने, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग का कार्य कर रही है। कार्यशाला में कठिया उत्पादक आधा सैकड़ा से अधिक किसान शामिल हुए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, उद्योग अधिकारी, उद्यान अधिकारी, मंडी परिषद सचिव, खाद्य एवं विपणन आदि मौजूद रहे।
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जिलाधिकारी अनुराग पटेल कहा कि कठिया गेहूं को एक ब्रांड के रूप में प्रचारित एवं प्रसारित करें। दक्षिण भारत में इसकी मांग अधिक है। कठिया को प्रमोट करने के लिए ‘कठिया पेट की लाल दवा, कठिया ऋषि प्रसाद’ ब्रांड का नाम दिया जाए। कहा कि कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति से बात करके कठिया की परंपरागत प्रजातियों के बीज संवर्द्धन का कार्य किया जाए।
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प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह ने बताया कि कठिया गेहूं की खेती बुंदेलखंड में बहुत पुरानी है। इससे सूजी, दलिया, उपमा आदि बनाया जाता है, जो बेहद पौष्टिक होता है। यह 3500 रुपये क्विंटल तक बिकता है। कृषि उपनिदेशक विजय कुमार ने कहा कि कठिया गेहूं के उत्पादन पर जल्द ही एक वृहद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दलिया बनाने के लिए नरैनी में दो प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की गई है।
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डीपीएम शालिनी सिंह ने कहा कि एनआरएलएम समूह की महिलाएं नरैनी में कठिया गेहूं से दलिया बनाने, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग का कार्य कर रही है। कार्यशाला में कठिया उत्पादक आधा सैकड़ा से अधिक किसान शामिल हुए। जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, उद्योग अधिकारी, उद्यान अधिकारी, मंडी परिषद सचिव, खाद्य एवं विपणन आदि मौजूद रहे।