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अंधेरगर्दी: बिना एनओसी के चल रहा रेस्टोरेंट, फटा सिलिंडर, 14 झुलसे
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Restaurant running without NOC, cracked cylinders, 14 scorched
- फोटो : BANDA
बांदा। बिना एनओसी चल रहे रेस्टोरेंट के किचन में शार्ट सर्किट से लगी आग के बाद सिलिंडर फटने से मंगलवार रात बड़ा हादसा हो गया। इसमें रेस्टोरेंट स्वामी बद्री प्रसाद, दो कर्मचारी, तीन बिजली कर्मी व आठ अन्य झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। दो बाइकें भी जल गईं।
चारों तरफ फैली आग को काबू करने में दमकल की तीन गाड़ियों को करीब चार घंटे लग गए। घटना शहर के व्यस्त इलाके रामलीला रोड में मंगलवार को आधी रात के बाद हुई। लोगों में चर्चा थी कि किचन के सिलिंडर से गैस रिसाव हो रहा था। इसी दौरान नजदीक में बिजली कर्मियों की ओर से दुरुस्त की जा रही फाल्ट में स्पार्किंग हो गई।
आसपास पूरे इलाके में दहशत, भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। नजदीकी लोग मकान छोड़कर बाहर भागे। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां पहुंच गईं और देर तक मशक्कत के बाद तड़के आग पर काबू पाया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी डटे रहे। शहर की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।
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घटना स्थल पर आलाधिकारी पहुंचे
मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक एसके भगत, डीएम अनुराग पटेल, एसपी अभिनंदन सहित अपर एसपी, सीओ आदि भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। झुलसे लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज भेज दिया गया।
अग्निकांड में ये झुलसे-
बद्रीनाथ अग्रवाल (रेस्टोरेंट मालिक), सोनू व मनलेश (रेस्टोरेंट कर्मी) और सिद्दीक, मोहम्मद शाकिर व दीपक (बिजली कर्मी)। इनके अलावा संदीप राज साहू (रामलीला मैदान), एहसान अली (कोतवाली रोड), आयुष (रामलीला रोड), अखिलेश (रामलीला मैदान), लाडले (न्यू मार्केट), सुभाष (रामलीला मैदान), मोहसिन (गोसाईगंज), शिवांश (रामलीला मैदान)।
रेस्टोरेंट में केवल एक निकास
अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक ने फायर स्टेशन से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं लिया था। बगैर इसके ही संचालन किया जा रहा था। इसकी सूचना प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। उसी के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया कि रेस्टोरेंट का निकास एक ही है। इससे बड़ा हादसा भी हो सकता था। जबकि नियमानुसार कम से कम दो निकास होने चाहिए।
संपत्ति जलने के बाद फिर जाग अग्निशमन विभाग
बांदा। आम दिनों में चुप्पी साधे रहने वाले अग्निशमन विभाग ने रेस्टोरेंट अग्निकांड के बाद फिर अग्निशमन व्यवस्थाओं को लेकर जांच-पड़ताल की। घटनास्थल के आसपास और मुख्य बाजार में स्थित लगभग 35 दुकानों/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर वहां आग बुझाने की तैयारियों का जायजा लिया। आसपास के कुएं आदि देखे। जिनसे ऐसी किसी आपातकाल स्थिति में पानी लिया जा सके। इसके पूर्व भी सब्जी मंडी, मनिहारी बाजार आदि में भीषण अग्निकांड हो चुके हैं। ऐसी बड़ी घटनाओं के बाद अग्निशमन की नींद टूटती है और कुछ दिनों के लिए यह विभाग सक्रिय हो जाता है। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि रामलीला रोड में घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह के नेतृत्व में व्यवसायिक क्षेत्र में अग्निशमन अधिकारियों द्वारा फायर आडिट किया गया है।
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चारों तरफ फैली आग को काबू करने में दमकल की तीन गाड़ियों को करीब चार घंटे लग गए। घटना शहर के व्यस्त इलाके रामलीला रोड में मंगलवार को आधी रात के बाद हुई। लोगों में चर्चा थी कि किचन के सिलिंडर से गैस रिसाव हो रहा था। इसी दौरान नजदीक में बिजली कर्मियों की ओर से दुरुस्त की जा रही फाल्ट में स्पार्किंग हो गई।
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आसपास पूरे इलाके में दहशत, भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। नजदीकी लोग मकान छोड़कर बाहर भागे। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां पहुंच गईं और देर तक मशक्कत के बाद तड़के आग पर काबू पाया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी डटे रहे। शहर की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।
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घटना स्थल पर आलाधिकारी पहुंचे
मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक एसके भगत, डीएम अनुराग पटेल, एसपी अभिनंदन सहित अपर एसपी, सीओ आदि भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। झुलसे लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कालेज भेज दिया गया।
अग्निकांड में ये झुलसे-
बद्रीनाथ अग्रवाल (रेस्टोरेंट मालिक), सोनू व मनलेश (रेस्टोरेंट कर्मी) और सिद्दीक, मोहम्मद शाकिर व दीपक (बिजली कर्मी)। इनके अलावा संदीप राज साहू (रामलीला मैदान), एहसान अली (कोतवाली रोड), आयुष (रामलीला रोड), अखिलेश (रामलीला मैदान), लाडले (न्यू मार्केट), सुभाष (रामलीला मैदान), मोहसिन (गोसाईगंज), शिवांश (रामलीला मैदान)।
रेस्टोरेंट में केवल एक निकास
अग्निशमन अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक ने फायर स्टेशन से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं लिया था। बगैर इसके ही संचालन किया जा रहा था। इसकी सूचना प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। उसी के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यह भी बताया कि रेस्टोरेंट का निकास एक ही है। इससे बड़ा हादसा भी हो सकता था। जबकि नियमानुसार कम से कम दो निकास होने चाहिए।
संपत्ति जलने के बाद फिर जाग अग्निशमन विभाग
बांदा। आम दिनों में चुप्पी साधे रहने वाले अग्निशमन विभाग ने रेस्टोरेंट अग्निकांड के बाद फिर अग्निशमन व्यवस्थाओं को लेकर जांच-पड़ताल की। घटनास्थल के आसपास और मुख्य बाजार में स्थित लगभग 35 दुकानों/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर वहां आग बुझाने की तैयारियों का जायजा लिया। आसपास के कुएं आदि देखे। जिनसे ऐसी किसी आपातकाल स्थिति में पानी लिया जा सके। इसके पूर्व भी सब्जी मंडी, मनिहारी बाजार आदि में भीषण अग्निकांड हो चुके हैं। ऐसी बड़ी घटनाओं के बाद अग्निशमन की नींद टूटती है और कुछ दिनों के लिए यह विभाग सक्रिय हो जाता है। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि रामलीला रोड में घटना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह के नेतृत्व में व्यवसायिक क्षेत्र में अग्निशमन अधिकारियों द्वारा फायर आडिट किया गया है।