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तंग करने वाले सूदखोरों पर हो रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 23 Apr 2016 11:23 PM IST
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बांदा। सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या करने पर जिलाधिकारी योगेश कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सूदखोरों पर एफआईआर दर्ज कराने और जांच एक हफ्ते में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
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मंगलवार (20 अप्रैल) को चमरौडी मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय लल्लन गुप्ता ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके पास से बरामद सुसाइड नोट में कहा गया था कि उसने कई सूदखोरों से कर्ज लिया था। सूदखोर 10 फीसदी मासिक सूद लगाकर वसूली को दबाव बना रहे थे। उसकी बदनामी हो रही थी।
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तंग आकर उसने आत्महत्या कर ली। 21 अप्रैल को अखबार में प्रकाशित इस खबर पर डीएम योगेश कुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर कहा कि सूदखोरों के दबाव और प्रताड़ना से आत्महत्या के मामले संज्ञान में आ रहे हैं। डीएम ने एसपी से कहा कि सभी सूदखोरों के विरुद्ध नियमानुसार आईपीसी की सुसंगत और कड़ी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। डीएम ने कहा है कि यदि किसी सूदखोर का नाम प्रकाश में आता है तो उसके विरुद्ध नामजद एफआईआर की जाए। सूदखोर का नाम पता न चलने पर अज्ञात के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराना आवश्यक है। डीएम ने कहा है कि इसकी जांच अधिकतम एक हफ्ते में पूरी करा ली जाए। साथ ही निर्देश दिया है कि दर्ज कराई गई प्राथमिक की एक प्रति उनके (डीएम) कार्यालय को 24 घंटे के अंदर प्रेषित की जाए।
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