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Banda News: करोड़ों ठगने वाले कंपनी के चेयरमैन समेत चार पर रिपोर्ट
Fri, 12 Sep 2025 12:47 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:47 AM IST
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बांदा। आवासीय प्लाट दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये हड़पने वाले प्लाटिंग कंपनी के प्रमुख लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी अधिवक्ता दिनेश निगम ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2017 में कानपुर नगर की एक कंपनी ने किस्तों में रुपये जमा कराने पर प्लाट दिलाने का झांसा दिया था। कंपनी ने वादा किया था कि 66 किस्तें पूरी होने के बाद प्लाट की रजिस्ट्री कर दी जाएगी। प्लाट न मिलने पर ब्याज सहित रकम लौटाई जाएगी।
कंपनी ने न तो प्लाट दिया और नहीं लोगों की रकम वापस कराई। अधिवक्ता ने बताया कि 66 किस्तों में नौ लाख 28 हजार 950 रुपये कंपनी में जमा किए थे। वादे के मुताबिक न तो प्लाट की रजिस्ट्री की गई और न ही रकम लौटाई गई। उल्टा कंपनी के लोगों ने ब्याज व रकम वापसी मांगने पर धमकी तक दी।
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आरोप भी लगाया कि कंपनी के संचालकों ने अन्य लोगों से भी करोड़ों रुपये ठग लिए हैं। अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उक्त धनराशि उसकी पत्नी पूर्णिमा निगम के खाते से रकम ट्रांसफर भी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन जेके दीक्षित, मैनेजमेंट डायरेक्टर आदित्य प्रभाकर के अलावा आनंद सिंह (पता अज्ञात) व कानपुर नगर के लाजपत नगर निवासी राकेश कुमार निषाद के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास कालोनी निवासी अधिवक्ता दिनेश निगम ने पुलिस अधीक्षक को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2017 में कानपुर नगर की एक कंपनी ने किस्तों में रुपये जमा कराने पर प्लाट दिलाने का झांसा दिया था। कंपनी ने वादा किया था कि 66 किस्तें पूरी होने के बाद प्लाट की रजिस्ट्री कर दी जाएगी। प्लाट न मिलने पर ब्याज सहित रकम लौटाई जाएगी।
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कंपनी ने न तो प्लाट दिया और नहीं लोगों की रकम वापस कराई। अधिवक्ता ने बताया कि 66 किस्तों में नौ लाख 28 हजार 950 रुपये कंपनी में जमा किए थे। वादे के मुताबिक न तो प्लाट की रजिस्ट्री की गई और न ही रकम लौटाई गई। उल्टा कंपनी के लोगों ने ब्याज व रकम वापसी मांगने पर धमकी तक दी।
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आरोप भी लगाया कि कंपनी के संचालकों ने अन्य लोगों से भी करोड़ों रुपये ठग लिए हैं। अधिवक्ता ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उक्त धनराशि उसकी पत्नी पूर्णिमा निगम के खाते से रकम ट्रांसफर भी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन जेके दीक्षित, मैनेजमेंट डायरेक्टर आदित्य प्रभाकर के अलावा आनंद सिंह (पता अज्ञात) व कानपुर नगर के लाजपत नगर निवासी राकेश कुमार निषाद के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।