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पल्लेदारी के नाम पर वसूली
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बांदा। गेहूं खरीद की उल्टी गिनती शुरू होते ही केंद्रों में उपज बेचने के लिए किसानों का जमघट तेज हो गया है। कई दिनों से केंद्रों के बाहर खुले आसमान तले डेरा डाले किसान गेहूं बेचने को परेशान हैं। उनमें रोष पनप रहा है। किसानों का आरोप है कि पल्लेदारी के नाम पर 50 रुपये प्रति क्विंटल वसूले जा रहे हैं। छनाई-उतराई के नाम पर दो किलो प्रति क्विंटल गेहूं अलग काटा जा रहा है।
नोडल अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है। मंडी उत्पादन समिति में एफसीआई, मार्केटिंग, पीसीएफ और यूपीएसएस के आठ खरीद केंद्र संचालित हैं। सभी में किसानों का जमघट है। किराये के ट्रैक्टर-ट्रालियों पर किसान क्विंटलों गेहूं लादे खुले आसमान तले पड़े हैं।
किसानों का कहना है कि पंजीकरण के दौरान टोकन में उपज बेचने की तारीख मिल गई थी। निर्धारित तिथि के एक दिन पूर्व केंद्र आ गए। आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी पल्लेदारी के नाम पर 50 रुपये प्रति क्विंटल मांग रहे हैं। उतराई-छनाई के नाम पर दो किलोग्राम प्रति क्विंटल गेहूं अलग लिया जा रहा है।
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विरोध करने पर उनका गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। मन की मुराद पूरी करने वालों का बगैर टोकन तौल की जा रही है। सबसे ज्यादा शिकायत विपणन केंद्र की है। इस बाबत अपर जिलाधिकारी/नोडल अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने आरोपों को गलत बताया है। कहा कि पांच दिन खरीद को बचे हैं। दूसरे की खसरा-खतौनी से दलाल गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं, फिर भी जांच कराएंगे। आरोप सही पाए गए तो केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
रिकार्ड 54 हजार एमटी गेहूं खरीदा गया
नोडल अधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि इस वर्ष खरीद केंद्रों में किसानों से रिकार्ड गेहूं खरीदा गया है। अब तक 54 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसके पूर्व 40 से 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होती रही। दावा किया कि खरीद शुरू होने से अब तक कोई शिकायत नहीं मिली। अब कुछ दिन शेष रहने पर दलाल सक्रिय हो गए और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
टोकन में पांच जून को गेहूं की तारीख मिली थी। एक दिन पूर्व वह अपना 35 क्विंटल गेहूं किराए के ट्रैक्टर में लादकर खरीद केंद्र आ गया। यहां प्रति क्विंटल 50 रुपये पल्लेदारी और दो किलो गेहूं कटौती की मांग की गई। विरोध किया तो आज तक उसका गेहूं नहीं खरीदा गया।- राजेश कुमार (ददरिया)
पांच दिन से मंडी समिति में गेहूं बेचने के लिए पड़े हैं। निर्धारित तिथि भी निकल गई, लेकिन गेहूं खरीद नहीं हुई। उपज बेचने के इंतजार में रात-दिन यहीं बसेरा बनाए हैं। घर से खाना मंगाकर यहीं खा रहे हैं, लेकिन केंद्र प्रभारियों को तरस नहीं आ रहा। लगभग 30 क्विंटल गेहूं बेचना है।- शिवप्रसाद (कनवारा)
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नोडल अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है। मंडी उत्पादन समिति में एफसीआई, मार्केटिंग, पीसीएफ और यूपीएसएस के आठ खरीद केंद्र संचालित हैं। सभी में किसानों का जमघट है। किराये के ट्रैक्टर-ट्रालियों पर किसान क्विंटलों गेहूं लादे खुले आसमान तले पड़े हैं।
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किसानों का कहना है कि पंजीकरण के दौरान टोकन में उपज बेचने की तारीख मिल गई थी। निर्धारित तिथि के एक दिन पूर्व केंद्र आ गए। आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी पल्लेदारी के नाम पर 50 रुपये प्रति क्विंटल मांग रहे हैं। उतराई-छनाई के नाम पर दो किलोग्राम प्रति क्विंटल गेहूं अलग लिया जा रहा है।
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विरोध करने पर उनका गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। मन की मुराद पूरी करने वालों का बगैर टोकन तौल की जा रही है। सबसे ज्यादा शिकायत विपणन केंद्र की है। इस बाबत अपर जिलाधिकारी/नोडल अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने आरोपों को गलत बताया है। कहा कि पांच दिन खरीद को बचे हैं। दूसरे की खसरा-खतौनी से दलाल गेहूं बेचने पहुंच रहे हैं, फिर भी जांच कराएंगे। आरोप सही पाए गए तो केंद्र प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
रिकार्ड 54 हजार एमटी गेहूं खरीदा गया
नोडल अधिकारी/एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि इस वर्ष खरीद केंद्रों में किसानों से रिकार्ड गेहूं खरीदा गया है। अब तक 54 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसके पूर्व 40 से 45 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होती रही। दावा किया कि खरीद शुरू होने से अब तक कोई शिकायत नहीं मिली। अब कुछ दिन शेष रहने पर दलाल सक्रिय हो गए और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
टोकन में पांच जून को गेहूं की तारीख मिली थी। एक दिन पूर्व वह अपना 35 क्विंटल गेहूं किराए के ट्रैक्टर में लादकर खरीद केंद्र आ गया। यहां प्रति क्विंटल 50 रुपये पल्लेदारी और दो किलो गेहूं कटौती की मांग की गई। विरोध किया तो आज तक उसका गेहूं नहीं खरीदा गया।- राजेश कुमार (ददरिया)
पांच दिन से मंडी समिति में गेहूं बेचने के लिए पड़े हैं। निर्धारित तिथि भी निकल गई, लेकिन गेहूं खरीद नहीं हुई। उपज बेचने के इंतजार में रात-दिन यहीं बसेरा बनाए हैं। घर से खाना मंगाकर यहीं खा रहे हैं, लेकिन केंद्र प्रभारियों को तरस नहीं आ रहा। लगभग 30 क्विंटल गेहूं बेचना है।- शिवप्रसाद (कनवारा)