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राम नाम से दूर हो जाते हैं पाप
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:37 PM IST
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बांदा। खुरहंड रेलवे स्टेशन में श्रीराम कथा में नवाह
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परायण यज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को कथा व्यास राजेश रामायणी ने राम नाम की
महिमा बताई। कहा कि इस जग में सिर्फ राम का नाम ही सत्य है। यह सभी पापों
को हर लेता है।
कथावाचक राजेश्वरानंद सरस्वती (अयोध्या) ने रामचरित मानस की चौपाई ‘उठे राम तव प्रेम अधीरा, कहुं पट कहुं निषंग धनु तीरा’ पर कहा कि भरत ने श्रीराम के पास वन में जाने का निश्चय किया। इससे वे सबके प्यारे हो गए। अंधी जवानी और लंगड़ा बुढ़ापा अगर दोनों यति संगत होकर कार्य करें तो अराजकता की आग से बच सकते हैं।
रास्ते अनेक होते हैं पर लक्ष्य एक होता है। रास्तों को कभी मिलाना नहीं चाहिए। रास्ते कभी एक नहीं हो सकते। कथा व्यास ने कहा कि जो शत्रु की निंदा नहीं करते, मित्र की तारीफ नहीं करते, उदासीन होकर तपस्या करते हैं, जो खुद भी निंदा व स्तुति से प्रभावित नहीं होते ऐसे लोग प्रभु राम को प्यारे होते हैं।
कथा के अंतिम दिन श्रोताओं की भारी भीड़ जुटी। आयोजक पंडित रामयश द्विवेदी व संयोजक प्रकाश द्विवेदी, श्री गणेश द्विवेदी, कौशल किशोर द्विवेदी, पुष्कर द्विवेदी, डा. कल्लू सिंह, लल्लूराम शुक्ल, रामनाथ गर्ग, भोला द्विवेदी, डा. विनोद त्रिपाठी व्यवस्था में रहे। रविवार को पूर्णाहुति व सोमवार को भव्य भंडारे का आयोजन होगा।
कथावाचक राजेश्वरानंद सरस्वती (अयोध्या) ने रामचरित मानस की चौपाई ‘उठे राम तव प्रेम अधीरा, कहुं पट कहुं निषंग धनु तीरा’ पर कहा कि भरत ने श्रीराम के पास वन में जाने का निश्चय किया। इससे वे सबके प्यारे हो गए। अंधी जवानी और लंगड़ा बुढ़ापा अगर दोनों यति संगत होकर कार्य करें तो अराजकता की आग से बच सकते हैं।
रास्ते अनेक होते हैं पर लक्ष्य एक होता है। रास्तों को कभी मिलाना नहीं चाहिए। रास्ते कभी एक नहीं हो सकते। कथा व्यास ने कहा कि जो शत्रु की निंदा नहीं करते, मित्र की तारीफ नहीं करते, उदासीन होकर तपस्या करते हैं, जो खुद भी निंदा व स्तुति से प्रभावित नहीं होते ऐसे लोग प्रभु राम को प्यारे होते हैं।
कथा के अंतिम दिन श्रोताओं की भारी भीड़ जुटी। आयोजक पंडित रामयश द्विवेदी व संयोजक प्रकाश द्विवेदी, श्री गणेश द्विवेदी, कौशल किशोर द्विवेदी, पुष्कर द्विवेदी, डा. कल्लू सिंह, लल्लूराम शुक्ल, रामनाथ गर्ग, भोला द्विवेदी, डा. विनोद त्रिपाठी व्यवस्था में रहे। रविवार को पूर्णाहुति व सोमवार को भव्य भंडारे का आयोजन होगा।