{"_id":"6a91c31205624f138102b460","slug":"rainwater-has-taken-over-everything-from-roads-to-homes-and-shops-banda-news-c-212-1-bnd1007-151403-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बारिश के पानी ने मार्गों से लेकर घरों दुकानों तक जमाया कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बारिश के पानी ने मार्गों से लेकर घरों दुकानों तक जमाया कब्जा
Fri, 28 Aug 2026 10:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 28 Aug 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
नरैनी। लगातार हुई भारी बारिश के बाद कस्बे में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। खेतों में जमा पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों की ओर बह रहा है।
इससे करतल समेत मुख्य राज्य मार्ग पर पानी भर गया है। सड़क पर कई जगह घुटनों तक पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कस्बे के करतल रोड पर मुख्य राज्य मार्ग से होकर पानी गुजर रहा है। वहीं पावर हाउस, अनुसूचित जाति छात्रावास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। सड़क किनारे स्थित दुकानों और मकानों में भी पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पानी की निकासी न होने से सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं।
विज्ञापन
कस्बा निवासी राजू कचेर, महेश, सुशील तिवारी, राजेश राजपूत समेत अन्य लोगों ने बताया कि खेतों से बहकर आया पानी घरों और दुकानों में घुस गया है। इससे जहां लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं व्यापार भी पूरी तरह बाधित है। दुकानदारों को सामान खराब होने से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बांदा रोड के एक किराना दुकानदार सुशील तिवारी ने बताया कि दुकान में पानी भर जाने से करीब पांच लाख रुपये का सामान खराब हो गया है। बारिश रुकने के बाद भी दुकान में पानी भरा हुआ है, जिससे नुकसान लगातार बढ़ रहा है। दुकानदारों ने प्रशासन से जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने और प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर सहायता दिलाने की मांग की है।
200 बीघा धान की फसल पानी में डूबी
बांदा मुख्य मार्ग पर नहर के पीछे करीब 200 बीघे कृषि भूमि में किसानों द्वारा रोपी गई धान की फसल भी कई दिनों से पानी में डूबी हुई है। खेतों में पानी भरा रहने से धान की फसल सड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी नहीं निकाला गया तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में समस्या बढ़ जाती है। इस बार खेतों का पानी सड़क और आबादी की ओर आने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी के स्थायी इंतजाम कराने, बंद नालियों की सफाई कराने और प्रभावित किसानों व दुकानदारों के नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
इससे करतल समेत मुख्य राज्य मार्ग पर पानी भर गया है। सड़क पर कई जगह घुटनों तक पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
कस्बे के करतल रोड पर मुख्य राज्य मार्ग से होकर पानी गुजर रहा है। वहीं पावर हाउस, अनुसूचित जाति छात्रावास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। सड़क किनारे स्थित दुकानों और मकानों में भी पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पानी की निकासी न होने से सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं।
विज्ञापन
कस्बा निवासी राजू कचेर, महेश, सुशील तिवारी, राजेश राजपूत समेत अन्य लोगों ने बताया कि खेतों से बहकर आया पानी घरों और दुकानों में घुस गया है। इससे जहां लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं व्यापार भी पूरी तरह बाधित है। दुकानदारों को सामान खराब होने से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बांदा रोड के एक किराना दुकानदार सुशील तिवारी ने बताया कि दुकान में पानी भर जाने से करीब पांच लाख रुपये का सामान खराब हो गया है। बारिश रुकने के बाद भी दुकान में पानी भरा हुआ है, जिससे नुकसान लगातार बढ़ रहा है। दुकानदारों ने प्रशासन से जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने और प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर सहायता दिलाने की मांग की है।
200 बीघा धान की फसल पानी में डूबी
बांदा मुख्य मार्ग पर नहर के पीछे करीब 200 बीघे कृषि भूमि में किसानों द्वारा रोपी गई धान की फसल भी कई दिनों से पानी में डूबी हुई है। खेतों में पानी भरा रहने से धान की फसल सड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी नहीं निकाला गया तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में समस्या बढ़ जाती है। इस बार खेतों का पानी सड़क और आबादी की ओर आने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी के स्थायी इंतजाम कराने, बंद नालियों की सफाई कराने और प्रभावित किसानों व दुकानदारों के नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।