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घर न जाने देने पर भड़के क्वारंटीन मजदूर
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तिंदवारी। क्वारंटीन के 14 दिन पूरे हो जाने के बाद भी क्वारंटीन की अवधि बढ़ा देने से मजदूर भड़क उठे। उनका कहना था कि उन्हें स्वस्थ होने का प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाने के बाद क्यों रोका जा रहा है? मजदूरों ने खाने का बहिष्कार कर दिया। उधर, एसडीएम बोले कि उनका काम खाना देना है, खिलाना नहीं।
तेरहीमाफी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां 331 मजदूर रखे गए हैं। इनके 14 दिन की क्वारंटीन अवधि 11 अप्रैल को पूरी हो गई। शनिवार को पीएचसी की टीम ने इनका स्वास्थ्य परीक्षण करके सभी को स्वस्थ पाया। वहां मौजूद एसडीएम सुरजीत सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया ने भरोसा दिलाया कि रविवार (12 अप्रैल) को सभी मजदूरों को बसों से उनके घर भेज दिया जाएगा, लेकिन रविवार को एसडीएम ने आकर कहा कि लॉकडाउन तक मजदूरों को यहीं रहना होगा।
इस पर मजदूर भड़क गए। हंगामा होते देख एसडीएम ने विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला डलवा दिया। मजदूरों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। एसडीएम का कहना था कि उनका काम खाना देना है, खिलाना नहीं। मजदूरों ने खाना नहीं खाया। अलबत्ता वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने दोपहर का खाना खाया। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
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17 पर लॉकडाउन उल्लंघन की रिपोर्ट
अतर्रा। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर थाना पुलिस ने 17 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। पांच लोगों पर अफवाह फैलाने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने वैभव रैकवार, रामशरण, अंकित नामदेव, छत्रपाल, राहुल गुप्ता, संजय सिंह, पंकज, नत्थू, लवलेश, दिलीप, धर्मेंद्र, राजा, रमेशचंद्र वाजपेयी, योगेश कुमार व अजय कुमार के विरुद्ध महामारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की है।
उधर, शेल्टर होम में क्वारंटीन पांच लोगों पर अफवाह फैलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। क्षेत्राधिकारी त्रिवेणी प्रसाद द्विवेदी, इंसपेक्टर रविंद्र तिवारी ने नगर में फ्लैग मार्च निकालकर लॉकडाउन का पालन करने को कहा। वार्ड सदस्य राजेश गुप्ता, शानू गुप्ता, आनंद राजा, आजाद जैन, सुनील यादव, दिनेश त्रिवेदी, सुषमा यादव, राधा गुप्ता, विष्णु देव तिवारी आदि शामिल रहे। उधर, बिसंडा थाना इंसपेक्टर प्रतिमा सिंह ने चार बाइकों और एक चार पहिया वाहन का चालान कर 2300 रुपये वसूले। साथ ही थाना इंसपेक्टर ने गरीबों को राशन बांटा।
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तेरहीमाफी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां 331 मजदूर रखे गए हैं। इनके 14 दिन की क्वारंटीन अवधि 11 अप्रैल को पूरी हो गई। शनिवार को पीएचसी की टीम ने इनका स्वास्थ्य परीक्षण करके सभी को स्वस्थ पाया। वहां मौजूद एसडीएम सुरजीत सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार भदौरिया ने भरोसा दिलाया कि रविवार (12 अप्रैल) को सभी मजदूरों को बसों से उनके घर भेज दिया जाएगा, लेकिन रविवार को एसडीएम ने आकर कहा कि लॉकडाउन तक मजदूरों को यहीं रहना होगा।
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इस पर मजदूर भड़क गए। हंगामा होते देख एसडीएम ने विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला डलवा दिया। मजदूरों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। एसडीएम का कहना था कि उनका काम खाना देना है, खिलाना नहीं। मजदूरों ने खाना नहीं खाया। अलबत्ता वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने दोपहर का खाना खाया। सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
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17 पर लॉकडाउन उल्लंघन की रिपोर्ट
अतर्रा। लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर थाना पुलिस ने 17 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की है। पांच लोगों पर अफवाह फैलाने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने वैभव रैकवार, रामशरण, अंकित नामदेव, छत्रपाल, राहुल गुप्ता, संजय सिंह, पंकज, नत्थू, लवलेश, दिलीप, धर्मेंद्र, राजा, रमेशचंद्र वाजपेयी, योगेश कुमार व अजय कुमार के विरुद्ध महामारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज की है।
उधर, शेल्टर होम में क्वारंटीन पांच लोगों पर अफवाह फैलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। क्षेत्राधिकारी त्रिवेणी प्रसाद द्विवेदी, इंसपेक्टर रविंद्र तिवारी ने नगर में फ्लैग मार्च निकालकर लॉकडाउन का पालन करने को कहा। वार्ड सदस्य राजेश गुप्ता, शानू गुप्ता, आनंद राजा, आजाद जैन, सुनील यादव, दिनेश त्रिवेदी, सुषमा यादव, राधा गुप्ता, विष्णु देव तिवारी आदि शामिल रहे। उधर, बिसंडा थाना इंसपेक्टर प्रतिमा सिंह ने चार बाइकों और एक चार पहिया वाहन का चालान कर 2300 रुपये वसूले। साथ ही थाना इंसपेक्टर ने गरीबों को राशन बांटा।