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Banda News: आवास सूची में अपात्रों के नाम, पात्रों को इंतजार
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बांदा। आवास योजना में अपात्रों को लाभ देने और पात्र गरीबों को सूची से बाहर रखने की शिकायतों की जांच समेत तीन जनसमस्याओं को लेकर जनता दल (यू) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आठों विकास खंडों की आवास सूची की जांच, प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी और हर घर जल योजना से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग की है।
उन्होंने कमासिन, बबेरू, बिसंडा, नरैनी, जसपुरा, तिंदवारी, महुआ और बड़ोखर खुर्द विकास खंड में सर्वे व जियो टैगिंग के बावजूद पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल नहीं होने की शिकायत की है। अपात्रों के नाम दर्ज होने के आरोप भी लगाए गए हैं। उन्होंने लाभार्थियों का सत्यापन कराकर पात्रों को आवास देने और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब और गांजे की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि नशे से परिवार आर्थिक संकट और घरेलू कलह का सामना करते हैं। उन्होंने बस्तियों, धार्मिक स्थलों और विद्यालयों के आसपास शराब की दुकानों के संचालन संबंधी शिकायतों की जांच कराने के साथ बिहार की तर्ज पर प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी लागू करने की मांग उठाई। कहा गया कि हर घर जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के दौरान कई ग्राम पंचायतों में सीसी और आरसीसी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। काम पूरा होने के बाद भी मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। प्रभावित गांवों का निरीक्षण कराकर सड़कों की मरम्मत की समय सीमा तय करने और लापरवाही पर संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही निर्धारित करने की मांग की।
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उन्होंने कमासिन, बबेरू, बिसंडा, नरैनी, जसपुरा, तिंदवारी, महुआ और बड़ोखर खुर्द विकास खंड में सर्वे व जियो टैगिंग के बावजूद पात्र परिवारों के नाम सूची में शामिल नहीं होने की शिकायत की है। अपात्रों के नाम दर्ज होने के आरोप भी लगाए गए हैं। उन्होंने लाभार्थियों का सत्यापन कराकर पात्रों को आवास देने और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब और गांजे की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि नशे से परिवार आर्थिक संकट और घरेलू कलह का सामना करते हैं। उन्होंने बस्तियों, धार्मिक स्थलों और विद्यालयों के आसपास शराब की दुकानों के संचालन संबंधी शिकायतों की जांच कराने के साथ बिहार की तर्ज पर प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी लागू करने की मांग उठाई। कहा गया कि हर घर जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने के दौरान कई ग्राम पंचायतों में सीसी और आरसीसी सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। काम पूरा होने के बाद भी मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। प्रभावित गांवों का निरीक्षण कराकर सड़कों की मरम्मत की समय सीमा तय करने और लापरवाही पर संबंधित विभागों व कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही निर्धारित करने की मांग की।
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