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अध्यक्ष और ईओ मिटा रहे साक्ष्य
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:22 PM IST
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नगर पालिका परिसर में बनवाया जा रहा वाहन सर्विस डक।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। नगर पालिका में करोड़ों रुपये के घोटाले की कोर्ट के आदेश पर एफआईआर के बाद लीपापोती की कोशिशें शुरू हो गई हैं। पालिका परिसर मेें आनन-फानन में वाहनों की धुलाई के डक का निर्माण शुरू हो गया है। एफआईआर दर्ज कराने वाले पार्षद भारत प्रजापति ने इसकी शिकायत शपथपत्र के साथ एसपी से की है।
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जनपद न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय के चार जुलाई को दिए गए आदेश के बाद बांदा शहर कोतवाली में पार्षद भारत प्रजापति की तहरीर नगर पालिका ईओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव और अध्यक्ष विनोद जैन के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 409, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा 13 के तहत 12 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज की गई।
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रिपोर्ट मेें लगाए गए आरोपों में यह भी शामिल है कि पालिका फंड से गुपचुप तरीके से 10 अक्तूबर 2014 को अध्यक्ष और ईओ ने निजी कपड़े धुलने के लिए 15 हजार रुपये वाली वाशिंग मशीन की कीमत 74 हजार रुपये दिखाकर शेष धन हड़प लिया।
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यह भी कहा गया है कि वाशिंग मशीन कार्यालय उपयोग की सामग्री नहीं है। न ही पालिका के स्टोर में मौजूद है। सीजेएम न्यायालय में चल रहे मुकदमे में ईओ ने दिए शपथपत्र में कहा है कि कपड़ा धोने की कोई लांड्री न तो कार्यालय में है और न तो शहर में नगरवासियों के लिए लगी है।
वाशिंग मशीन नगर पालिका ने नहीं खरीदी। नगर पालिका ने 69,368 रुपये का चेक (चेक संख्या-405954) और 44,745 रुपये (चेक नंबर-40595859) से पुष्पा कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स बांदा को भुगतान किया गया है।
उधर, रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पार्षद भारत प्रजापति ने एसपी को दिए हलफनामे में बताया कि पालिका ने अपनी सफाई मेें कहा है कि मशीन चार पहिया वाहनों की धुलाई के लिए है। पार्षद ने कहा है कि चार पहिया वाहनों की सर्विस या धुलाई करने वाला कोई भी सर्विस स्टेशन या पक्का डक अथवा वाहन को ऊंचा करने वाली मशीन का पक्का निर्माण नहीं है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पालिका परिसर में डक निर्माण का काम तेजी से किया जा रहा है। मजदूरों ने उन्हें बताया कि इसे ईओ बनवा रहे हैं। आरोप लगाया कि यह काम अपराध छिपाने के लिए किया जा रहा है।
उधर, पालिका अध्यक्ष विनोद जैन और ईओ वीरेंद्र कुमार सारे आरोपों को झूठा और छवि खराब करने की साजिश बता रहे हैं। इनका कहना है कि कोई भी कार्य अवैधानिक या नियमों के विपरीत नहीं हुआ है। वाहन सर्विस डक पहले से ही बन रहा है।