{"_id":"5c4754d3bdec2273ac45d93c","slug":"prepare-for-startup","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टार्टअप की तैयारियां जोरों पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टार्टअप की तैयारियां जोरों पर
Tue, 22 Jan 2019 11:07 PM IST
ASIF ASIF
बांदा
बांदा
Published by: ASIF ASIF
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:07 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कालेज परिसर में स्टार्टअप की तैयारियों का जायजा लेते डीएम हीरा लाल व साथ में अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। मेडिकल कालेज में 28 से 30 जनवरी को होने वाले इनोवेशन एंड स्टार्टअप समिट की जोरशोर से तैयारियां जारी हैं। जिलाधिकारी पूरे जोश के साथ खुद रोजाना समीक्षा कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में मंगलवार को डीएम ने अधिकारियों के साथ मेडिकल कालेज में आयोजन स्थलों का भ्रमण कर जायजा लिया।
वहां लगाए जाने वाले प्राइवेट स्टॉल, खानपान व्यवस्था आदि के बारे में निर्देश दिए कि सबकुछ अच्छी गुणवत्ता का हो। बड़ी तादाद में विभिन्न जनपदों से आ रहे नागरिकों को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि स्टार्टअप में जालौन और चित्रकूट के जिलाधिकारी, प्रदेश के खनिज निदेशक के आने की स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं।
निरीक्षण के दौरान एडीएम संतोष बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार, डिप्टी कलेक्टर मंसूर अहमद, एनआरएलएम उपायुक्त केके पांडेय, उद्यान अधिकारी परवेज, कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
गांव को मॉडल रूप में विकसित करें प्रधान
बांदा। डीएम हीरा लाल ने ग्राम प्रधानों से कहा है कि अन्नाप्रथा रोकने के लिए गांवों में समितियों का गठन किया गया है। इसमें सक्रिय योगदान देकर इस किसानों और खेतों की हिफाजत में योगदान दें। हरेक प्रधान अपने गांव को मॉडल के रूप में विकसित करें। समाजसेवी अन्ना हजारे का उदाहरण देकर प्रधानों को प्रेरित किया।
मंगलवार को मेडिकल कालेज सभागार में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के तत्वावधान में आयोजित ग्राम प्रधान सम्मेलन में डीएम ने कहा कि प्रधान की ग्राम विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। वह जिम्मेदारी का निर्वहन करें तो गांव की काया पलट सकती है। कुओं और तालाबों की सफाई और जल संचयन पर जोर दिया।
अन्ना पशु मुक्त गांव में ग्रामीणों का सम्मान
बांदा। अतर्रा तहसील के भदावल गांव में लेखपाल और ग्रामीणों ने गांव को अन्ना पशु मुक्त बना दिए जाने पर मंगलवार को डीएम हीरा लाल और एसपी गणेश साहा ने गांव पहुंचकर लेखपाल और ग्रामीणों की पीठ थपथपाई। कहा कि यहां की तर्ज पर अन्य गांव के कर्मी और ग्रामीण अमल कर लें तो अन्ना प्रथा से निजात मिल जाए।
इस गांव में ग्रामीणों ने एक-एक अन्ना पशु खुद बांध लिया है। उसकी परवरिश कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि जनपद के लोग सहयोग करते रहें तो बांदा की जल्द ही अलग पहचान बनेगी। अन्ना प्रथा कोे वरदान में बदला जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने गांव के एक बुजुर्ग को माला पहनाकर कहा कि गांव के असली हीरो गांव वाले ही हैं।
विज्ञापन
वहां लगाए जाने वाले प्राइवेट स्टॉल, खानपान व्यवस्था आदि के बारे में निर्देश दिए कि सबकुछ अच्छी गुणवत्ता का हो। बड़ी तादाद में विभिन्न जनपदों से आ रहे नागरिकों को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि स्टार्टअप में जालौन और चित्रकूट के जिलाधिकारी, प्रदेश के खनिज निदेशक के आने की स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान एडीएम संतोष बहादुर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार, डिप्टी कलेक्टर मंसूर अहमद, एनआरएलएम उपायुक्त केके पांडेय, उद्यान अधिकारी परवेज, कलक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सईद अहमद आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
गांव को मॉडल रूप में विकसित करें प्रधान
बांदा। डीएम हीरा लाल ने ग्राम प्रधानों से कहा है कि अन्नाप्रथा रोकने के लिए गांवों में समितियों का गठन किया गया है। इसमें सक्रिय योगदान देकर इस किसानों और खेतों की हिफाजत में योगदान दें। हरेक प्रधान अपने गांव को मॉडल के रूप में विकसित करें। समाजसेवी अन्ना हजारे का उदाहरण देकर प्रधानों को प्रेरित किया।
मंगलवार को मेडिकल कालेज सभागार में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के तत्वावधान में आयोजित ग्राम प्रधान सम्मेलन में डीएम ने कहा कि प्रधान की ग्राम विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। वह जिम्मेदारी का निर्वहन करें तो गांव की काया पलट सकती है। कुओं और तालाबों की सफाई और जल संचयन पर जोर दिया।
अन्ना पशु मुक्त गांव में ग्रामीणों का सम्मान
बांदा। अतर्रा तहसील के भदावल गांव में लेखपाल और ग्रामीणों ने गांव को अन्ना पशु मुक्त बना दिए जाने पर मंगलवार को डीएम हीरा लाल और एसपी गणेश साहा ने गांव पहुंचकर लेखपाल और ग्रामीणों की पीठ थपथपाई। कहा कि यहां की तर्ज पर अन्य गांव के कर्मी और ग्रामीण अमल कर लें तो अन्ना प्रथा से निजात मिल जाए।
इस गांव में ग्रामीणों ने एक-एक अन्ना पशु खुद बांध लिया है। उसकी परवरिश कर रहे हैं। डीएम ने कहा कि जनपद के लोग सहयोग करते रहें तो बांदा की जल्द ही अलग पहचान बनेगी। अन्ना प्रथा कोे वरदान में बदला जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने गांव के एक बुजुर्ग को माला पहनाकर कहा कि गांव के असली हीरो गांव वाले ही हैं।