{"_id":"5df925ef8ebc3e87dc405d26","slug":"pradarshan-banda-news-knp5328511169","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका
विज्ञापन
बांदा। दिल्ली स्थित जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस की बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया। पुलिस ने उनके कार्यालय से निकलते ही रोक दिया। दोनों के बीच नोंकझोंक हुई। बाद में उसी स्थान पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ को सौंपा।
जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अगुवाई में कांग्रेसियों का जत्था कलक्ट्रेट की ओर रवाना होने को था। स्टेशन रोड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहले से ही डटी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शहर कोतवाल दिनेश सिंह से कांग्रेस नेताओं की झड़प भी हुई। कोतवाल धरने और प्रदर्शन की परमीशन की बात कह रहे थे। कांग्रेसियों ने वहीं धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। कुछ देर बाद वहां पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप सिंह और क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि जामिया में पुलिस की कार्रवाई से अंग्रेजों की याद ताजा हो गई। यह निंदनीय है। लोकतंत्र की हत्यारी इस सरकार को बर्खास्त किया जाए। संविधान में अभिव्यक्ति की सभी को स्वतंत्रता है। मोहम्मद इदरीस, शोएब रिजवी, सीमा खान, मुमताज अली, कुलदीप मिश्रा, राजकुमार गर्ग, संतोष द्विवेदी, जिलानी दुर्रानी, कुतैबा जमां खां, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, अल्ला रक्खू, कालीचरन निगम, आशुतोष द्विवेदी, सद्दाम खां, सुखदेव गांधी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित की अगुवाई में कांग्रेसियों का जत्था कलक्ट्रेट की ओर रवाना होने को था। स्टेशन रोड स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहले से ही डटी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शहर कोतवाल दिनेश सिंह से कांग्रेस नेताओं की झड़प भी हुई। कोतवाल धरने और प्रदर्शन की परमीशन की बात कह रहे थे। कांग्रेसियों ने वहीं धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। कुछ देर बाद वहां पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप सिंह और क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा कि जामिया में पुलिस की कार्रवाई से अंग्रेजों की याद ताजा हो गई। यह निंदनीय है। लोकतंत्र की हत्यारी इस सरकार को बर्खास्त किया जाए। संविधान में अभिव्यक्ति की सभी को स्वतंत्रता है। मोहम्मद इदरीस, शोएब रिजवी, सीमा खान, मुमताज अली, कुलदीप मिश्रा, राजकुमार गर्ग, संतोष द्विवेदी, जिलानी दुर्रानी, कुतैबा जमां खां, पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, अल्ला रक्खू, कालीचरन निगम, आशुतोष द्विवेदी, सद्दाम खां, सुखदेव गांधी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन