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दीन से महरूम नौजवान ही हो रहे गुमराह
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:14 AM IST
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बांदा। दावते इस्लामी के जलसे में पैगंबर का किरदार
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(चरित्र) अपनाने की अपील की गई। मौलानाओं ने कहा कि दीनी तालीम से महरूम
नौजवान ही गुमराह होकर भटक रहे हैं। धर्म के रास्ते पर चलना ही सच्ची
इंसानियत है।
मंगलवार की रात मर्दननाका स्थित पठान बाबा मदरसा परिसर में आयोजित जलसे में मौलाना रफीक अत्तारी (कानपुर) ने मुस्लिमों और खासकर युवाओं से कहा कि पैगंबर की सुन्नत पर चलकर जिंदगी बिताएं।
मौलाना सैय्यद वसीक अत्तारी (उन्नाव) ने कहा कि कुरआन और पैगंबर द्वारा बताई गई बातों से हटने का ही नतीजा है कि गुनाह ज्यादा हो रहे हैं। उन्होंने बच्चों को हिंदी, इंग्लिश के साथ उर्दू, अरबी और दीनी तालीम भी जरूर देने पर जोर दिया।
जलसे की शुरूआत अनीस अत्तारी (कानपुर) ने तिलावत से की। मौलाना उवैश कादिरी (उन्नाव) और मौलाना फरहत कादरी (महोबा) ने नात पढ़ी। जलसे की सदारत मोहम्मद मुबीन अत्तारी और संचालन हाफिज कासिम ने किया।
अकरम (कानपुर), आमिर (जलौन), अब्दुल मुबीन (फर्रुखाबाद) समेत सैय्यद वाजिद रब्बानी, हाफिज हामिद रजा, सैय्यद महमूद रब्बानी, मुईन, वसीम अत्तारी, जुल्फिकार, हाफिज चौधरी साबिर, वाजिद अली, नसीम, रफीक आदि शामिल रहे।a
मंगलवार की रात मर्दननाका स्थित पठान बाबा मदरसा परिसर में आयोजित जलसे में मौलाना रफीक अत्तारी (कानपुर) ने मुस्लिमों और खासकर युवाओं से कहा कि पैगंबर की सुन्नत पर चलकर जिंदगी बिताएं।
मौलाना सैय्यद वसीक अत्तारी (उन्नाव) ने कहा कि कुरआन और पैगंबर द्वारा बताई गई बातों से हटने का ही नतीजा है कि गुनाह ज्यादा हो रहे हैं। उन्होंने बच्चों को हिंदी, इंग्लिश के साथ उर्दू, अरबी और दीनी तालीम भी जरूर देने पर जोर दिया।
जलसे की शुरूआत अनीस अत्तारी (कानपुर) ने तिलावत से की। मौलाना उवैश कादिरी (उन्नाव) और मौलाना फरहत कादरी (महोबा) ने नात पढ़ी। जलसे की सदारत मोहम्मद मुबीन अत्तारी और संचालन हाफिज कासिम ने किया।
अकरम (कानपुर), आमिर (जलौन), अब्दुल मुबीन (फर्रुखाबाद) समेत सैय्यद वाजिद रब्बानी, हाफिज हामिद रजा, सैय्यद महमूद रब्बानी, मुईन, वसीम अत्तारी, जुल्फिकार, हाफिज चौधरी साबिर, वाजिद अली, नसीम, रफीक आदि शामिल रहे।a