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देरी से मिलेगी ओमिक्रॉन की जांच रिपोर्ट
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बांदा। ओमिक्रॉन के मंडराते खतरे के बीच चित्रकूटधाम मंडल में संक्रमितों की जांच रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध होने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां जांच रिपोर्ट के लिए लखनऊ के केजीएमयू पर निर्भर रहना होगा। जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट वहीं से आएगी। वहां से रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाएंगे। संक्रमण दर बढ़ी तो यह अवधि और बढ़ सकती है।
बांदा मेडिकल कालेज में कोरोना पॉजिटिव आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों के भी स्वॉब टेस्ट किए जा रहे हैं। मेडिकल कालेज माइक्रो बॉयलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि रोजाना 1800 से 2000 नमूनों की जांच की जा रही है। फिलहाल कोई कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए स्वॉब नमूना लखनऊ भेजा जाएगा। यह जांच लैब प्रदेश में एकलौता होने से यहां जांच का काफी दबाव है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने में समय लगना स्वाभाविक है। संक्रमण दर बढ़ने और लैब न बढ़ाए जाने पर रिपोर्ट आने में और देरी होगी।
इनसेट
ओमिक्रॉन वार्ड के लिए स्टाफ का रोस्टर बना
बांदा। प्राचार्य डॉ.मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कोरोना के स्वरूप ओमिक्रॉन मरीजों के लिए 30 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों का रोस्टर भी तय कर दिया गया है। सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट, नर्स, वार्ड ब्वाय और स्वीपर 2-2 लगा दिए गए हैं। इनकी सूची भी निदेशालय को भेज दी गई है। यह भी बताया कि संक्रमित मरीज बढ़ने पर मेडिसिन विभाग के 120 वार्ड भी ओमिक्रॉन मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
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जिले के 100 लोगों की जांची जाएगी इम्युनिटी
बांदा। ओमिक्रॉन के संभावित खतरे के मद्देनजर प्रदेश के 15 जनपदों में कराए जा रहे सीरो सर्वे में बांदा को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस संक्रमण और लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर परखने के लिए यह सर्वे करा रहा है। बांदा जनपद में 100 लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं।
सर्वे में ऐसे लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं जो एक बार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी है। सीएमओ डॉ.वीके तिवारी ने बताया कि इनमें ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने कोरोना की जांच ही नहीं कराई। इनके नमूने लेकर यह पता किया जाएगा कि कितने लोग संक्रमित होने के बाद अपने आप ठीक हो गए। जांच न कराने से उन्हें अपने संक्रमित होने का पता ही नहीं चला। बताया कि पहले चरण में बुंदेलखंड में सिर्फ बांदा जनपद को ही सीरो सर्वे के लिए चयनित किया गया है।
एपीडिम्पोलॉजिस्ट डॉ. प्रसून खरे ने बताया कि शासन से आई सूची में 31 हेल्थ वर्कर्स के भी नाम हैं। सूची में 60 वर्ष से ऊपर 51 लोग हैं। 22 बुजुर्ग ऐसे हैं जो पहले पॉजिटिव हो चुके हैं। 29 की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। रेंडम सिलेक्शन में 18 लोगों को चयनित किया गया है। इनके नमूने लेकर जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे। चिह्नित 100 लोगों में सबसे ज्यादा 33 बड़ोखर ब्लाक के हैं। बबेरू में 15, बिसंडा में 14, नरैनी में 10, तिंदवारी व जसपुरा में 6-6 और महुआ व कमासिन में 3-3 लोग शामिल किए गए हैं। अतर्रा नगर के भी 10 लोग नमूनों के लिए चिह्नित हुए हैं।
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बांदा मेडिकल कालेज में कोरोना पॉजिटिव आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों के भी स्वॉब टेस्ट किए जा रहे हैं। मेडिकल कालेज माइक्रो बॉयलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. दिलीप कुमार ने बताया कि रोजाना 1800 से 2000 नमूनों की जांच की जा रही है। फिलहाल कोई कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर उसकी जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए स्वॉब नमूना लखनऊ भेजा जाएगा। यह जांच लैब प्रदेश में एकलौता होने से यहां जांच का काफी दबाव है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने में समय लगना स्वाभाविक है। संक्रमण दर बढ़ने और लैब न बढ़ाए जाने पर रिपोर्ट आने में और देरी होगी।
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ओमिक्रॉन वार्ड के लिए स्टाफ का रोस्टर बना
बांदा। प्राचार्य डॉ.मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कोरोना के स्वरूप ओमिक्रॉन मरीजों के लिए 30 बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों का रोस्टर भी तय कर दिया गया है। सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट, नर्स, वार्ड ब्वाय और स्वीपर 2-2 लगा दिए गए हैं। इनकी सूची भी निदेशालय को भेज दी गई है। यह भी बताया कि संक्रमित मरीज बढ़ने पर मेडिसिन विभाग के 120 वार्ड भी ओमिक्रॉन मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
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जिले के 100 लोगों की जांची जाएगी इम्युनिटी
बांदा। ओमिक्रॉन के संभावित खतरे के मद्देनजर प्रदेश के 15 जनपदों में कराए जा रहे सीरो सर्वे में बांदा को भी शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस संक्रमण और लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर परखने के लिए यह सर्वे करा रहा है। बांदा जनपद में 100 लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं।
सर्वे में ऐसे लोगों के नमूने लिए जा रहे हैं जो एक बार कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और उन्हें वैक्सीन की दोनों डोज भी लग चुकी है। सीएमओ डॉ.वीके तिवारी ने बताया कि इनमें ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने कोरोना की जांच ही नहीं कराई। इनके नमूने लेकर यह पता किया जाएगा कि कितने लोग संक्रमित होने के बाद अपने आप ठीक हो गए। जांच न कराने से उन्हें अपने संक्रमित होने का पता ही नहीं चला। बताया कि पहले चरण में बुंदेलखंड में सिर्फ बांदा जनपद को ही सीरो सर्वे के लिए चयनित किया गया है।
एपीडिम्पोलॉजिस्ट डॉ. प्रसून खरे ने बताया कि शासन से आई सूची में 31 हेल्थ वर्कर्स के भी नाम हैं। सूची में 60 वर्ष से ऊपर 51 लोग हैं। 22 बुजुर्ग ऐसे हैं जो पहले पॉजिटिव हो चुके हैं। 29 की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। रेंडम सिलेक्शन में 18 लोगों को चयनित किया गया है। इनके नमूने लेकर जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे। चिह्नित 100 लोगों में सबसे ज्यादा 33 बड़ोखर ब्लाक के हैं। बबेरू में 15, बिसंडा में 14, नरैनी में 10, तिंदवारी व जसपुरा में 6-6 और महुआ व कमासिन में 3-3 लोग शामिल किए गए हैं। अतर्रा नगर के भी 10 लोग नमूनों के लिए चिह्नित हुए हैं।